अप्रैल १, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# २९६४
दर्द कितना भी हो…
दर्द कितना भी हो
कोशिश करो मुस्कुराने की
बेशक ख़ुद खो जाओ उनमें
कोशिश करो तुम गुरुजी को पाने की
मंजिल बेशक लगे दुर्गम
कोशिश करो उस तक पहुँच पाने की
जीना जो मुश्किल लगने लगे
तो कोशिश करो मनोबल बढ़ाने की।
तुम्हारा बढ़ता मनोबल
काम आयेगा आज और कल
जीना सरल करेगा हर पल
कम करेगा भीतर का मल।
वो मल, जो पाश है और तुम्हें पशु बनाता है
तुम्हारी कमज़ोरी का फ़ायदा उठाता है
इस पाश से आज़ाद होना आवश्यक है
वरना ये सफ़र विफल और निरर्थक है।
गुरुजी ने बख़्शा है तुम्हें सिमरन
वे देख रहे हैं तुम्हारा प्रयास
उनके सिमरन द्वारा करते चलो उनका चिंतन
तनिक तो बैठो तुम उनके पास।
जिसका मन गुरुजी से जुड़ा रहेगा निरंतर
जिसका मन उन्हें याद करेगा निरंतर
उसका मनोबल बढ़ता जाएगा
वो रूहानी ऊँचाई चढ़ता जाएगा।
वक्त के झरने तो सदा बहेंगे
उतार चढ़ाव आते जाते रहेंगे
मन जो रहेगा तुम्हारे कहने में
तो आसानी होगी स्थिर और सहज रहने में
ये अनिवार्य है चुनौतियों का सामना करने के वास्ते
वरना कैसे तय करोगे तुम इस जीवन के रास्ते?
गुरुजी से आज्ञा लेकर
अपना सर्वस्व गुरुजी को देकर
जैसा सिमरन और ध्यान वे करायें, वैसा होने दो
तुम कोशिश करो, परंतु जिद्द और अहम में ख़ुद को ना खोने दो।
गुरुजी को है ज्ञात
तुम्हारी हर बात
वे जानें तुम्हारे लिए कब क्या है सही
तुम उनके जैसे जान सकते ही नहीं
जिन सदाशिव रूपी गुरुजी ने तुम्हें सब कुछ है दिया
तुम उनके हुक्म में रहकर करते चलो उनका शुक्रिया।
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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
दर्द कितना भी हो… (04/01/2026)