रखते चलो तुम श्रद्धा और सबूरी (06/20/2026)

जून २०, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०४४

           रखते चलो तुम श्रद्धा और सबूरी 

गुरुजी में रखी है जो आस्था
तो उन्हें बनाने दो रास्ता
उन्हें शुक्राना कर तुम उस रास्ते पर चल पड़ना
पत्थर भी आए रास्ते में तो शोक मत करना
क्योंकि क्या मालूम वह था इक पहाड़
गुरुजी ने उसे पत्थर बनाकर दिया हो तुम्हें तार?

चलते जाना शुक्राना के भाव में
कभी ना आने देना कमी लगन लगने के चाव में
गुरुजी परखते हैं नीयत
इसलिए ज़रूरी है तुम्हारी श्रद्धा और मेहनत
पर असल रंग लाएगी गुरुजी की रहमत
तुम इस सत्य से रहो सहमत
और विश्वास की वेल थामे रहो
गुरुजी के प्रति यूँ प्रेम में बहो
कि गुरुजी ही गुरुजी महसूस हों तुम्हें तुम्हारे बाहर और भीतर
उनकी याद में फ़र्ज़ निभाते हुए समय जाएगा गुज़र
देखते देखते रास्ता जाएगा कट
मंज़िल को पाओगे निकट
रुकना नहीं, आगे बढ़ते जाना
कठिन भी लगे तो चढ़ायी चढ़ते जाना
गुरुजी की दया से तुम तय कर पाओगे दूरी
बस, रखते चलो तुम श्रद्धा और सबूरी।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

रखते चलो तुम श्रद्धा और सबूरी (06/20/2026)

हर अंधेरे का हरण (06/19/2026)

जून १९, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०४३

                      हर अंधेरे का हरण 

हर दिन बीत जाता है
रात भी जाती है गुज़र
मुश्किल से या आसानी से
सब रूप हैं ज़िंदगानी के।

किसी किसी को दिन में भी नहीं महसूस होता उजाला
तो रात के अंधेरे में भी देख लेता है रोशनी कोई मतवाला
मनोभाव और नजरिये की बात है
किसी के लिए जीवन दिन, किसी के लिए रात है।

उत्साह का सूरज हो या उम्मीद की किरण
उस से जीने में हो जाती है काफ़ी आसानी
नीरसता और व्याकुलता से मिलती है राहत
बेशक पूरी हो या ना हो चाहत।

गुरुजी की शरण
दिखाती है उम्मीद की किरण
और सूरज उत्साह का
दूर करता है अंधेरा राह का।

गुरुजी में भक्तिभाव
सुधार देता है मनोभाव को
सँवार देता है नज़रिये को
बदल देता है रवैये को
गुरुजी की रहमत से
उनकी बख़्शी मत से।

फिर तो हर लम्हा है सवेरा
रोशनी है हर पल
क्योंकि गुरुजी तो रात को भी
दिन में सकते हैं बदल।

आते जाते रहेंगे प्राकृतिक रात दिन
दोनों में शांति संतोष नहीं गुरु कृपा बिन
क्यूँकि पाकर गुरुजी की शरण
हो जाता है हर अंधेरे का हरण।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

हर अंधेरे का हरण (06/19/2026)

बिन किए अगर-मगर (06/18/2026)

जून १८, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०४२

       बिन किए अगर-मगर 

तेरा भाग्य खिला
तुझे पूरण गुरु मिला
तू जीवन भर
हर कदम पर
गुरुजी को याद कर
बिन किए अगर-मगर।

उनका धन्यवाद कर
उन्हें कर शुकर
हर चीज़ का, हर बात का
हर रोज़ के दिन रात का
उनकी दया की हर दात का
उनके संग का
उनके सत्संग का
रूहानी रंग का
जो तुझपर चढ़ा रहे हैं वे
तुझे आगे बढ़ा रहे हैं वे
उनपर ध्यान धर
उनसे प्यार कर
एतबार कर
बार बार कर
बिन किए अगर-मगर।

तुझ में अनेकों दोष
पर गुरुजी हैं आशुतोष
गुज़ार ये जीवन
करके उन्हें प्रसन्न
उनमें हैं खुदायी का नूर
कभी ना समझ उन्हें अपने से दूर
तुझपर है इनकी नज़र
कर रहे हैं वे नदर
तू कर उनकी क़दर
बिन किए अगर-मगर।

ज्योत हैं वे दिव्य
उनकी प्राप्ति तेरा उद्देश्य
तू सोच मत
वे बख्शेंगे सुमत
तू हुक्म मान
उनमें लीन कर ले प्राण
और ले तू ठान
कि बेशक आए तूफ़ान
तू ना डगमगाएगा
तू राह पर चलता जाएगा
गुरुजी पर रहकर निर्भर
बिन किए अगर-मगर।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

बिन किए अगर-मगर (06/18/2026)

इस देर में छिपी सवेर (06/17/2026)

जून १७, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०४१

      इस देर में छिपी सवेर 

इस देर में छिपी सवेर को ना पाऊँ पहचान
गुरुजी, आप ही दूर कीजिए मेरा अज्ञान
बँधी हूँ अनेकों पाशों में मैं निमानी
आप ही सम्भालिए मेरी ज़िंदगानी
मुझ में नहीं है इतनी भी काबिलियत
कि मैं बिन विकर्षण कर पाऊँ आपकी इबादत
देते रहिए मुझे हौंसला और हिम्मत
बख़्शते रहिए सुमत और पत
आपकी दया बिन
ये नहीं है मुमकिन
अब तो दिन और साल गिन गिन
ना जाने सिमरन के कितने पल गए छिन्न
सोचकर बातें भिन्न भिन्न
अपने पर होने लगी हूँ खिन्न
कि आपके ख़याल के अलावा दूजा कोई ख़याल आता ही क्यों है मेरे मन में
कि क्यों मुश्किल होता है ध्यान लगाना सिमरन में?
आपकी याद में रहूँगी जो मैं हर पल
तो कोई मुश्किल नहीं सतायेगी
आपके चरणों में सर्वसमर्पण कर दूँ
तो ज़िन्दगी आसान हो जाएगी
किंतु आपकी कृपा के बिन ये हो ना पाये
खड़ी हूँ आपके समक्ष झोली फैलाये
बख़्शिये ऐसी बुद्धि और मत
सर्वसमर्पण कर पाऊँ जिसके अंतर्गत
आपके कमल चरण में
आपकी कोमल शरण में।

आपने ही दिया ये शरीर
रूह तो है ही आपकी
ना मैं देह हूँ, ना मैं हूँ प्राण
ना हूँ मैं बुद्धि, ना मुझ में कोई ज्ञान
अंश हूँ आपका मैं, गुरुवर
आपसे ही शुरू हुआ सफ़र
आपकी गोद में ही हो बसर
आपकी करुणा की हूँ मोहताज
सदा अपनी मेहर-ए-नज़र रखना, मेरे सरताज।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

इस देर में छिपी सवेर (06/17/2026)

हो रहा है युग परिवर्तन (06/16/2026)

जून १६, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०४०

                    हो रहा है युग परिवर्तन 

हो रहा है युग परिवर्तन
बदल रहा है सभी का जीवन
कतार में लगे हैं सभी
कोई चाहे मोक्ष ही मिल जाये अभी
कोई चाहे रोटी, कपड़ा, मकान
किसी को चाहिए दुकान
सभी का है कोई ना कोई अरमान
सभी हैं किसी ना किसी बात से परेशान।

कहीं कहीं शिकायत है
पर कईओं के हृदय में है शुक्राना का भाव
कोई चुनौतियों और दुखों का सामना कर पा रहा है हिम्मत से
पर किसी किसी के तो भरते ही नहीं है घाव।

इक ओर भौतिक पदार्थों के लिए दौड़ है
दूसरी ओर भक्ति भाव बढ़ने का मोड़ है
हो रहे हैं इतने सत्संग, पाठ, हवन
नमाज़, इबादत, गिरजाघर में भी पूजन
गुरुजी की कृपा से उनकी संगत बढ़ती जा रही है
उनकी मेहर से संगत रुहानी सीढ़ी चढ़ती जा रही है।

दुनिया के कोने कोने में हो रहे हैं गुरुजी महाराज के सत्संग
गुरुजी द्वारा बख्शे सिमरन से गहरा हो रहा है भक्ति का रंग
कलयुग के कहर पर भारी पड़ रही है गुरुजी के नाम की सहर
गुरुजी के नाम से आबाद है संगत का जीवन हर पहर।

गुरुजी की शरण है कवच सुरक्षा का
गुरुजी की याद है उपाय रक्षा का
ऐसा नहीं कि कष्ट नहीं आयेंगे
पर कर्म कटते जायेंगे
गुरुजी की लीला लाएगी रंग
जुड़े रहें हम उनके संग
गुरुजी करें अरदास क़ुबूल
कि हम भूल से भी ना जायें उन्हें भूल
बन कर रहें हम उनके चरणों के तले की धूल
उन्ही के संग रिश्ता है मूल
हैं धागे कच्चे बाकी सारे
गुरुजी ही हैं अखंड सहारे।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

हो रहा है युग परिवर्तन (06/16/2026)

अपना जनम कर लो सफल (06/15/2026)

जून १५, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०३९

              अपना जनम कर लो सफल 

ढूँढ रहे हो तुम जिन भगवान को
ढूँढ रहे हो जिन गुरुजी करुणानिधान को
नहीं हैं वे बाहर के किसी वन में
बल्कि वे तो हैं तुम्हारे भीतर के उपवन में
लेकर श्रद्धा से उनका नाम
उनका दिया जाप करो सुबह शाम
वे होंगे तुम पर मेहरबान
उनकी मौजूदगी से खिल उठेगा तुम्हारा गिरेबान…

गुरुजी के नाम अमृत से साफ़ करते चलो अपने मन का दर्पण
जैसे भी हो, स्वयं को और हर कर्म को कर दो गुरुजी को अर्पण
तुम्हारे निरंतर प्रयास से होता जाएगा तुम्हें उनसे करीबी का खूबसूरत एहसास
दूरी मिटने लगेगी क्यूँकि वे सदा होंगे तुम्हारे पास।

हर लम्हा होगा सुहेला
तुम अपने को महसूस ना करोगे कभी अकेला
तुम्हें साफ़ दिखेंगी अपनी ख़ामियाँ
और गुरुजी की दया से तुम स्वयं को सुधार पाओगे
समझ आयेंगी तुम्हें अहंकार में की हुई नादानियाँ
और गुरुजी की मेहर से तुम नीवें होते जाओगे।

गिरेबान में झाँके बिन भी सफ़र तो चलेगा
किंतु गुरुजी के नाम और जप बिन वह कैसे खिलेगा?
इसलिए अपने कल्याण का ज़रा करो विचार
और कोशिश करो बारम्बार
गुरुजी से जुड़े रहने की
उनकी याद की ओर मुड़े रहने की।

गुरुजी आए कल्याण करने
अपनी संगत की झोली भरने
पाकर उनसे धन असल
अपना जनम कर लो सफल।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

अपना जनम कर लो सफल (06/15/2026)

गुरुजी की याद में जाये गुज़र… (06/14/2026)

जून १४, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०३८

गुरुजी की याद में जाये गुज़र…

गुरुजी की याद में जाये गुज़र
हर पल, हर घड़ी, हर दिन, हफ़्ता, हर साल
गुरुजी की याद में गुज़र जाये ये सफ़र
गुरुजी की याद में गुज़र जाये ये पूरी उमर।

गुरुजी करें ये अरदास क़ुबूल
उनकी याद के अलावा सब है उड़ती धूल
हवा के रुख़ संग ग़ायब हो जाएगी
सिर्फ़ गुरुजी की याद ही संग रह जाएगी।

गुरुजी की याद में है अपनापन
गुरुजी की याद में लीन रहता है जो मन
उस मन की गुरुजी में ही रहती है लगन
वो मन गुरुजी की याद में यूँ रहता है मगन
कि गुंजायश नहीं होती किसी विकर्षण की
ज़बरदस्ती नहीं चलती किसी आकर्षण की
क्यूँकि मन गुरुजी की ओर ही रहता है आकर्षित
उन्ही को चेतता है फिर चित्त।

जैसे जैसे दिन और साल गुज़रते जाते हैं
गुरुजी और सिर्फ़ गुरुजी ही नज़र आते हैं
उन्ही से जुड़ जाते हैं जज़्बात
उनकी याद मन आबाद करती है दिन रात।

गुरुजी की याद में आनंद है अनोखा
रूह का सफ़र हो जाता है सौखा
इस याद में कभी नहीं होता धोखा
क्यूँकि ये याद है इतनी पावन और रूहानी
कि इस से निखर जाती है ज़िंदगानी की कहानी
मन मान जाता है कि बाक़ी हर चीज़ है बेगानी।

गुरुजी की याद में गुरुजी के लिए प्यार
उनकी याद में उनसे मिलने को जन हो जाये बेकरार
गुरुजी की याद से मिले मार्गदर्शन
गुरुजी की याद से साफ़ हो मन का दर्पण
गुरुजी की याद में रहकर मिले सुमत
गुरुजी की याद से मिल जाये परमगत
गुरुजी की याद में है हुक्म पालन का जज़्बात
गुरुजी की याद में समाया है उनका कृपा प्रसाद।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

गुरुजी की याद में जाये गुज़र… (06/14/2026)

फूलों और कलियों का उद्धार (06/13/2026)

जून १३, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०३७

 फूलों और कलियों का उद्धार 

मस्ताना सा इक फ़क़ीर था
भीतर से बहुत अमीर था
छोड़ कर हर दिखावे वाली रीत
गाते हुए गुरुजी के गीत
फ़क़ीर गुज़र रहा था हर गली से
बात करते हुए हर फूल और कली से
सुनाते हुए उन्हें गुरुजी के सत्संग
उनके जीवन में भरते हुए रूहानी रंग।

हर फूल और कली की नींद उड़ गई
हर फूल हर कली गुरुजी से जुड़ गई
उनके हृदय में जल गए भक्ति के दीये
तरसने लगे वे गुरुजी के चरण छूने के लिए।

गुरुजी तो सब के स्वामी हैं
वे तो अंतर्यामी हैं
जान गए फूलों और कलियों के मन की बात
और जब उनका एक दास आया उनके पास उस रात
गुरुजी ने दिया उसे आदेश
की वह करे उस गली में प्रवेश
जहाँ फूलों और कलियों का है बसेरा
और जब हो जाये सवेरा
तो वो गुरुजी के लिए कुछ फूल और कलियाँ लाए
दास ने आज्ञा मानी बिना हिचकिचाये।

फूल और कलियाँ थे गुरुजी के लिए उदास
तभी दास पहुँचा उनके पास
फूलों और कलियों की ख़ुशी का ना रहा ठिकाना
जब दास ने उन्हें बताया उन्हें कहाँ है जाना।

आया वह शुभ पल जब दास ने छुए गुरुजी के कमल चरण
और फूलों और कलियों को किया गुरु चरणों में अर्पण
गुरुजी ने उन्हें दिया तार
कर के उनका उद्धार
बना कर उन्हें अपने चरणों की धूल
हर्षित हुई हर कली, हर्षित हुआ हर फूल।

गुरुजी के कमल चरण में है सभी का कल्याण
गुरुजी हैं समस्त सृष्टि के भगवान
सभी को देने में समर्थ हैं वे अपनी दया का दान
गुरुजी की महिमा है अत्यंत महान।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

फूलों और कलियों का उद्धार (06/13/2026)

वे कल भी थे यहाँ और वहाँ (06/12/2026)

जून १२, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०३६

                 वे कल भी थे यहाँ और वहाँ 

वे कल भी थे यहाँ और वहाँ
आज भी हैं वे हर स्थान में विराजमान
वे हैं सदा से सर्वशक्तिमान
वे हैं गुरुजी सदाशिव महान।

गुरुजी ज्योत हैं दिव्य प्रकाश की
शक्ति सर्वश्रेष्ठ शुभ सकाश की
ना चाहिए कोई प्रमाण
कि वे स्वयं हैं भगवान।

गुरुजी हैं वह ख़ास एहसास
जो सदा हैं हर भक्त के पास
जिनमें जितना रम जाये भक्त का श्वास
उतना निश्चिंत रहे वह दास।

गुरुजी हैं वह प्रेरणा
हैं वे वह उत्तेजना
जो जागृत करे चेतना
जो निखार दे संवेदना।

गुरुजी हैं वह आरज़ू
जिनके लिए तरसे है रूह
हर साधक और हर उपासक की
तय करने यात्रा उन तक की।

गुरुजी हैं सृष्टि का आधार
महापुरुष प्रधान परवरदिगार
गुरुजी हैं अनुग्रह भरा प्यार
गुरुजी तो हैं मेरा संसार।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

गुरुजी की याद (06/11/2026)

जून ११, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०३५

           गुरुजी की याद 

गुरुजी की याद में रहना ही है अब जीवन का रास्ता
गुरुजी की याद ही है रास्ते की मंज़िल
गुरूजी की याद में रम गई हूँ ऐसे
कि उनकी याद बिन कहीं नहीं लगता ये दिल।

गुरुजी की याद संग दिनचर्या और हर काम
गुरुजी की याद संग दूँ जीवन का हर इम्तहान
क्यूँकि उनकी याद बिन जीवन नहीं
उनकी याद बिन ये तन मन नहीं।

गुरुजी की याद में मुस्कुराऊँ
उनकी याद में रो भी पाऊँ
उनकी याद में उनके गीत गाऊँ
उनकी याद बिन रह ना पाऊँ।

गुरुजी की याद से सँवर जाये हर काज
गुरुजी की याद भीतर है आज
हर जगह, हर हालात में, और हर पल
उनकी याद से सजा रहे आने वाला कल
गुरुजी की याद में पिरो कर हर फ़रियाद
गुरुजी की याद से मिले हर आशीर्वाद
अब तो गुरुजी की याद से ही रहता है अंतस आबाद
इसके लिए गुरुजी महाराज का असीम धन्यवाद।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा