सिर झुका कर उनके द्वारे (07/19/2026)

जुलाई १९, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०७३

सिर झुका कर उनके द्वारे

जो हमारे मन की स्थिति जानें बिन बोले हमारे
सिर कैसे ना झुके उनके द्वारे?
वे तो हमसे ज़्यादा जानते हैं हमें
इसलिए क्यों ना दें उन्हें अधिक से अधिक समय?

कुछ ऐसा ही है जीवन
कि आते जाते रहेंगे विकर्षण
अनिवार्य है गुरुजी का हमारे प्रति आकर्षण
जिसके लिए हमारा प्रयास ज़रूरी है हर क्षण।

कर्मकांड से नहीं, ना ही अंधविश्वास से
परंतु हमारी श्रद्धा और विश्वास से
निरंतर रहकर गुरुजी की याद में
तृप्त रहकर गुरु प्रसाद में
रहकर उनके प्रति शुकराना की भावना में
ना कि सदा किसी माँग की पूर्ति की कामना में।

क्षमा याचना से
प्रेम पूर्ण प्रार्थना से
करते रहना होगा प्रयास
अगर है गुरुजी को पाने की आस।

गुरुजी ही हैं शाश्वत संगी
जिसकी जिंद्री उनकी याद में रहे रंगी
उसका गुरुजी से मिलन होगा ज़रूर
बड़े दयावान हैं वे हुज़ूर।

गुरुजी की प्राप्ति जो बन जाये जीने का मक़सद
तो भक्त पार कर ले हर हद
गुरुजी के सहारे
सिर झुका कर उनके द्वारे।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

सिर झुका कर उनके द्वारे (07/19/2026)

कोई औक़ात नहीं इंसान की (07/18/2026)

जुलाई १८, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०७२

                                     कोई औक़ात नहीं इंसान की 

भगवान के सामने कोई औक़ात नहीं इंसान की
लेकिन जो हम संगत हैं गुरुजी करुणानिधान की
उन्हें मिलता है गुरुजी महाराज से जो लाड और प्यार
उसके योग्य भी नहीं, तो भी मिलता है वो बेशुमार।

ये गुरुजी महाराज की रहमत है
है ये उन्ही की वड़ियायी
हर पल कितनी संगत को बख़्शते हैं वे
अपनी नदर और अपनी गुरूयायी।

है वो गुरुजी का प्यार
जो करता है संगत का बेड़ा पार
है वो गुरुजी की ममता
जो देती है हर भक्त को क्षमता
सदाशीलता की राह पर चलते रहने की
गुरुजी के प्रेम में बहने की।

है वो गुरुजी की दी सुमत और चेतना
जो भक्त को देती है आगे बढ़ने की प्रेरणा
है वो गुरुजी की निर्मल नदर
है वो उनकी मेहर-ए-नज़र
जो सोए भाग्य जगाती है
जो प्रारब्ध को कटवाती है।

ये सोचना है बहुत बड़ी नादानी
कि हम चला रहे हैं अपनी ज़िंदगानी
क्यूँकि अपनी स्वतंत्र इच्छा के अलावा
कुछ और नहीं वश में हमारे
ये तो हमारे गुरुजी का प्रताप है
जिस से हैं हमारे वारे न्यारे।

इक श्वास पर भी चलता नहीं है हमारा ज़ोर
इक पल ज़िंदा, तो क्या मालूम अगले पल टूटे साँसों की डोर
और गुरुजी महाराज फ़रमाते हैं हमारी छोटी से छोटी बात पर भी ग़ौर
फिर क्यों जाना ऐसे गुरु को छोड़ कर कहीं भी और?

गुरुजी गुरु भी हैं भगवान भी
न्यायाधीश भी और करुणानिधान भी
उनके कमल चरण में निश्चित है
सुरक्षा भी, और सम्पूर्ण कल्याण भी।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

कोई औक़ात नहीं इंसान की (07/18/2026)

…पहुँचोगे किनारे पर (07/17/2026)

जुलाई १७, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०७१

                                        …पहुँचोगे किनारे पर 

असफलता तुम्हे ना सकेगी तोड़
अगर सच्चे मन से चल पड़ोगे गुरुजी की ओर
क्यूँकि गुरुजी तुम्हारी ओर सैंकड़ों कदम बढ़ायेंगे
तुम्हें असफलता के पार लेकर जायेंगे।

हर शिकायत, हर इंकार दूर हो जाएगी
स्वीकार करोगे तो ऐसी सकारात्मकता आएगी
कि तुम्हें अपनी हार से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा
और एक नई चेतना का सुंदर फूल खिलेगा।

सीखना ना छोड़ना, ना छोड़ना प्रयास
गुरुजी पर क़ायम रखना विश्वास
सफ़र में जो भी पड़े सहना
तुम आत्मा-बोध करते रहना।

तुम हो खुशनसीब
सफलता है क़रीब
हर अनुभव से सीखते चलो तुम
ना होना दुनियादारी में गुम।

बेशक है कलयुग का कोलाहल
पर तुम्हारे कष्ट रहे हैं टल
क्यूँकि गुरुजी महाराज कृपा रहे हैं कर
इसलिए उनके शुक्राना में जोड़ लो अपने कर
और हर पल, हर पहर गुरुजी को याद कर
उनकी मेहर का उन्हें धन्यवाद कर
जारी रखो अपना सफ़र
सब गुरुजी पर छोड़ कर
रंग लाएगी गुरुजी की मेहर
बीच मजधार से पहुँचोगे किनारे पर।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

…पहुँचोगे किनारे पर (07/17/2026)

चल रहा था मुसाफ़िर… (07/16/2026)

जुलाई १६, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०७०

                                       चल रहा था मुसाफ़िर…

चल रहा था मुसाफ़िर
होकर बेख़बर
कि उसे कोई मिलेगा
और उसका नसीब खिलेगा।

उसके जीवन में था इक ख़ालीपन
किसी को ढूँढता था उसका मन
पर वो ना पाता था समझ
जितना सोचता था, जाता था उतना ही उलझ।

गुज़रता रहा समय
अब उसे होने लगा संशय
कि कौन है वो जो है इतना शक्तिमान
जिसके लिए उसका मन हो रहा है यूँ परेशान?

मुसाफ़िर महसूस कर रहा था स्वयं को गुमराह
मिल नहीं रही थी उसे सुलझन वाली कोई राह
फिर उसे सम्भालने आए शहंशाहों के शहंशाह
और मुसाफ़िर के मन में ना रही बाक़ी कोई और चाह।

बैठा था वह इक रात इक जलाशय के किनारे
नाकामयाबी से गिनते हुए आसमान में तारे
हवा चल रही थी मंद मंद
उसकी आँखें होने लगीं बंद
तभी किसी ने उसका सिर छुआ
मुसाफ़िर को बहुत आश्चर्य हुआ।

उसकी आँखों से उसी पल बहने लगे आँसू
उसे लगा कि उस अनजान व्यक्ति ने छू ली उसकी रूह
उसके हाथ जुड़ गए नमस्कार में
उसे लगा दर्शन दिए हैं पर्वरदिगार ने।

सही था उसका ये अनुमान
क्यूँकि उसके समक्ष खड़े थे भगवान
गुरुजी महाराज के रूप में वे लग रहे थे शहंशाह पराक्रमी
मुसाफिर चुप था, लेकिन बोल रही थी उसकी आँखों की नमी।

ये सब सपना है, मुसाफ़िर को लगा
फिर उसे लगा कि वह नींद से जगा
बिन किसी के कुछ बोले हुआ दोनों के बीच वार्तालाप
मुसाफ़िर को लगा कि धुल गए उसके कई जन्मों के पाप।

“कौन हैं आप, जो लागें मुझे इतने महान और शक्तिमान?”
“आपके दर्शन पाकर तो होने लगा है मेरा कल्याण।”
कहा मुसाफ़िर ने गुरुजी महाराज से बहुत प्यार से
“मैं धन्य हो गया आपके दीदार से।”

गुरुजी महाराज ने स्वयं में
मुसाफ़िर को अनेकों देवी देवता के कराये दर्शन
मुसाफ़िर अनुग्रह से झुकता गया
और छू लिए उसने गुरुजी महाराज के चरण।

गुरुजी महाराज हुए अंतर्धान
मुसाफ़िर अब नहीं था परेशान
गुरुजी की महिमा से हुई थी उसकी पहचान
उसने उन्हें अपना आराध्य लिया मान।

गुरुजी की याद से रहा उसका मन आबाद
उसे बड़े मंदिर जाने का मौका मिला बरसों बाद
उसे पहली बार मिला गुरुजी का चाय प्रसाद और लंगर प्रसाद
उसने किया गुरुजी का तहे दिल से धन्यवाद।

गुरुजी मुसाफ़िर पर करते रहे नदर
बिन संशय, बिन उलझन के बीता उसका सफ़र
मुसाफ़िर ने गुरुजी के आशीष के महत्व को जान
उनसे अर्ज़ी की कि वे करें सभी का कल्याण।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

चल रहा था मुसाफ़िर… (07/16/2026)

गुरुजी की याद में रहकर… (07/15/2026)

जुलाई १५, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०६९

                                    गुरुजी की याद में रहकर…

गुरुजी की याद में रहकर
ख़ुद को सम्भालें
वरना शांत ना हो पायेगा मन
बढ़ती जाएगी उलझन।

गुरुजी की याद में रहकर
स्थिर होने लगेगा मन
मिलने लगेगी सुलझन
सहज होने लगेगा जीवन।

सहजता और सादगी होगी जीवन में
स्थिरता और शांति होगी मन में
बढ़ौती होगी रूहानी धन में
तो आनंद की उमंग होगी हर क्षण में।

युग परिवर्तन के समय में
कुछ भी नहीं है गुरुजी की याद से ज़्यादा सुखदायी
अनंत है उनके नाम के महासागर की गहराई
जो इसमें डूब गया, वो पा लेगा खुदाई
ऐसी है गुरुजी की वड़ियायी
वे स्वयं हैं खुदा और उनकी आभा है खुदा का नूर
गुरुजी से अरदास है कि वे कभी न करें अपने से दूर।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

गुरुजी की याद में रहकर… (07/15/2026)

शुक्र आपका… (07/14/2026)

जुलाई १४, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०६८

                       शुक्र आपका…

परम पूज्य गुरुजी महाराज,

शुक्र आपका कि आप साथ रहते हैं हर कदम पर
यूँ ही साथ रहिएगा जीवन भर
और अगले हर जनम में
मार्गदर्शन कीजियेगा मेरा मेरे हर करम में।

कभी ना हटाइएगा अपनी निगाह मुझ पर से
कभी ना दूर कीजियेगा मुझे अपने दर से
जो पाऊँ वो पाऊँ आपके दिए वर से
हर आशीर्वाद मिले मुझे आपके कल्याणकारी कर से।

मेरे लिए आप ही ईश्वर हैं
आप ही हैं गुरु पूरण
आपका दिया हर प्रसाद
मेरे लिए है अनमोल धन।

आपसे ही मेरा रास्ता, आप ही मेरी मंज़िल
आपकी याद बिन अब कहीं ना लागे मेरा दिल
जब से आपके रूप में दिखे हैं भगवान
मैं स्वयं को महसूस करती हूँ बहुत धनवान
देते रहिएगा संतोष और सब्र का दान
आप में ही रमे रहें मेरे प्राण।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

शुक्र आपका… (07/14/2026)

कर लो तुम आत्म-मंथन (07/13/2026)

जुलाई १३, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०६७

                                        कर लो तुम आत्म-मंथन 

गुरुजी ने बख़्शा है सिमरन
कर लो तुम आत्म-मंथन
हो जाएगा पवित्रीकरण
साफ़ हो जाएगा मन
मन बन जाएगा काबिल गुरु प्रसाद पाने को
ग्रहण करने कृपा के ख़ज़ाने को।

पहले प्रतिकूल ख़याल भी आयेंगे
विचारों के तूफ़ान भी सतायेंगे
जारी रखना तुम आत्म-मंथन के प्रयास को
गुरुजी की कृपा से दूर होने देना हर अध्यास को।

क्यूँकि अध्यास है मृगतृष्णा के समान
होने नहीं देता मूल का ज्ञान
केवल गुरु कृपा से होता है इस ज्ञान का अनुमान
और इसी ज्ञान से सफल होते हैं प्राण।

बाकी सब दुनियावी ज्ञान है
दुनिया में रहने के लिए तो है आवश्यक
लेकिन रूहानी ज्ञान पाने के लिए
ज़रूरी है कोशिश अथक।

कलयुग में कष्टों का पलड़ा है भारी
और गुरुजी अपनी लीला से करा रहे हैं हमारी तैयारी
रमने की उनकी बंदगी में
ताकि हम ना तड़पें ज़िंदगी में।

जो उनकी याद में रहेगा मस्त
जो उनके सिमरन में रहेगा व्यस्त
उसे कलयुग कम सतायेगा
क्यूँकि भक्ति का पलड़ा भारी हो जाएगा।

क्यूँकि समय ने युगों का नियम तो है चलाना
युगों ने अपनी बारी से है आना और जाना
सबसे सुरक्षित ठिकाना है गुरुजी की शरण
हर समय सुखदायी हैं गुरुजी के कमल चरण।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

कर लो तुम आत्म-मंथन (07/13/2026)

सफ़ाई रखनी ज़रूरी है… (07/12/2026)

जुलाई १२, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०६६

                                      सफ़ाई रखनी ज़रूरी है…

सफ़ाई रखनी ज़रूरी है
बाहर, घर, और आँगन की
आत्मा, तन, और मन की
कमायी करनी ज़रूरी है
गुरुजी के नाम के धन की।

इस धन से मिटेगी असल ग़रीबी
यह धन लायेगा खुशनसीबी
यही साथ भी जाएगा
और वहाँ भी काम आयेगा।

गुरुजी की याद को दिल में बसाए
उन्हें चेतने में चित्त को लगाए
लेकर हर श्वास में गुरुजी का नाम
होता है ख़ुद का सम्पूर्ण कल्याण।

गुरुजी की याद में है मंगल
इस से बढ़ता जाता है मनोबल
क़ाबू में होती है अस्थिरता और हल-चल
कष्ट भी जाते हैं टल।

गुरुजी की याद से रूह को मिलता है आराम
गुरुजी की याद में रहकर जो भक्त करे हर काम
उसके मंगल का गुरुजी स्वयं करते हैं इंतज़ाम
बेशक उसे देने पड़ें इम्तहान
गुरुजी रहते हैं उसके साथ
बिन छोड़े उसका हाथ
हर घड़ी, हर पल
आज और कल।

गुरुजी की याद है अनमोल
गुरुजी सुनते हैं दिल के बोले हुए बोल
वे सुनते हैं हर अर्ज़ी, हर गुज़ारिश
वे जानें भक्त की हर ख़्वाहिश।

गुरुजी की याद से अकेलापन रहे सदा के लिए दूर
गुरुजी की याद से तन, मन, रूह पर चढ़े गुरुजी का नूर
आत्मसात कर के गुरुजी की याद की दीवानगी, उनकी याद का फ़ितूर
तुम कभी ना महसूस करोगे अपने को गुरुजी से दूर।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

सफ़ाई रखनी ज़रूरी है… (07/12/2026)

…बदल जाएगी ज़िंदगानी (07/11/2026)

जुलाई ११, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०६५

                                           …बदल जाएगी ज़िंदगानी 

मिला है तुम्हें गुरुजी महाराज का दर
बख़्शा है उन्होंने सतचित्तानंद का सागर तुम्हारे भीतर
हर बूँद है सुखदाई
हर बूँद में आनंद अनंत
ये गुरुजी की है वडियाई
कि उनकी बख़्शीशें हैं बेअंत।

गुरुजी हैं गति के दाता
वे हैं सुमति के प्रदाता
जो सुख संतोष है उनके कमल चरण में
वो नहीं कहीं भी और जन्म मरण में।

गुरुजी की याद में हर पल लो गुज़ार
तन मन रूह को राहत मिलेगी बारम्बार
गुरुजी बसते हैं तुम्हारे भीतर
सतचित्तानंद के सागर के निर्माता हैं वे स्वयं
तुम्हें दर दर भटकने की ज़रूरत नहीं
उनसे एकाकार में पहचानोगे तुम शिवोहम…

और फिर बेगाना होगा हर गम सदा के लिए
सतचित्तानंद के सागर में जल जायेंगे भक्ति के दिए
भक्ति के पुत्र ज्ञान और वैराग्य भी होंगे संग
तुम्हारे भीतर चढ़ेगा ऐसा रूहानी रंग
कि हो जाएगा उजाला नूरानी
सदा के लिए बदल जाएगी ज़िंदगानी।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

…बदल जाएगी ज़िंदगानी (07/11/2026)

शहंशाहों के भी शहंशाह महान (07/10/2026)

जुलाई १०, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०६४

                                          शहंशाहों के भी शहंशाह महान 

रोक रही है जो तुम्हे ग़लत काम करने से
बचा रही है जो तुम्हे डरने से
उस चेतना को नकारो मत
गुरुजी दे रहे हैं तुम्हें सुमत।

जो दिखाये रास्ते पर बढ़ने को कह रही है
जो तुम्हारे सपनों की दिशा में बह रही है
उस प्रेरणा को ना करो नजरंदाज
गुरुजी कर रहे हैं तुम्हारी निराशा का इलाज।

जो तुम्हारे लिए बदल देती है हवा के रुख़ को
जो सुख में बदल सकती है तुम्हारे दुख को
उस शक्ति का करो सम्मान
उस शक्ति में गुरुजी हैं विद्यमान।

जो तुम्हारे प्रारब्ध को कटवा रही है आज
ताकि वो भविष्य में ना कर पाये तुम पर राज
कर्मों के फलदाता की उस योजना का करो सत्कार
वे गुरुजी हैं जो करायेंगे तुम्हारा बेड़ा पार।

जो मिटा रही है तुम्हारे अज्ञान के अंधकार को
जो चूर कर रही है तुम्हारे अहंकार को
उस प्रतापी नज़र को झुक कर करो सलाम
गुरुजी तुम्हें देख रहे हैं होकर तुम्हारे भीतर विराजमान।

जो सदा करते आए हैं और आगे भी करेंगे तुम्हारा कल्याण
जिन्होंने दिया है तुम्हें प्राणों का भी दान
जो हमेशा होते हैं सारी संगत पर मेहरबान
वे हैं गुरुजी, शहंशाहों के भी शहंशाह महान।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

शहंशाहों के भी शहंशाह महान (07/10/2026)