अप्रैल ५, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# २९६८
सुकून मिलेगा ज़रूर
गुरुजी दे रहे हैं शिक्षा तुम्हें
समय और अनुभवों के माध्यम से
तुम सीखते चलो
उनकी रहमत और अपने श्रम से।
किताबी ज्ञान अपनी जगह है
किंतु अनिवार्य है अनुभव ज्ञान
बाहरी और भीतरी
रखते हुए सफ़र को जारी।
दुनिया में रहते हुए
गुरुजी से जुड़े रहना
भवसागर में तैरते हुए
तुम उनके प्रेम रस में डूबे रहना।
उनकी याद के नशे में होकर मस्त
उनके बख्शे सेवा, सिमरन, सत्संग में रहना व्यस्त
बेशक हो जाओ चुनौतियों से ग्रस्त
गुरु चरणों में झुक कर जोड़े रहना अपने हस्त।
गुरुजी के चरणों में पाओगे हर उलझन की सुलझन
गुरुजी के चरणों में हल्का कर पाओगे मन
देख लो कोशिश कर के किसी और के पास
चंद लम्हों में मन हो जाएगा दोबारा विचलित और उदास
किंतु गुरुजी के चरणों में मन को मिलेगी दीर्घकालिक राहत
वहीं मिलेगा वो मार्गदर्शन जिसकी तुम्हारे अंतस् को है चाहत।
क्यूंकि ये है रूह से रूह की बात
दुनियावी बातों से बिल्कुल बहुत दूर
और स्वयं परमात्मा हों जब तुम्हारे साथ
तो उनके चरणों में सुकून मिलेगा ज़रूर।
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
सुकून मिलेगा ज़रूर (04/05/2026)