अप्रैल ८, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# २९७१
…वही है मेरे लिए सही गुरुजी
दे दो भक्ति का दान, गुरुजी
अपने में लीन करो मेरे प्राण, गुरुजी
ये प्राण दिए हैं आप ने
ना गँवाऊ इन्हें दुख संताप में
इनसे लेती रहूँ मैं आपका नाम, गुरुजी
प्राणों का हो कल्याण, गुरुजी।
प्यारा लागे आपका धाम, गुरुजी
वहाँ रूह को मिले आराम, गुरुजी
अंश आप ही का तो है ये रूह
अपनापन महसूस करती है जब आपका स्पंदन लेता है छू
उसे आप में समाने का रहता है इंतज़ार, गुरुजी
कोशिश करने से ये ना माने हार, गुरुजी।
दिल चाहे आपसे बातें करते रहना का, गुरुजी
दिल चाहे सदा आपके प्रेम में बहने का, गुरुजी
होता है आपके अमृत का पान
तो मिट जाती है हर थकान
आप महासागर महान, गुरुजी
मैं नदिया, नन्ही और नादान, गुरुजी।
आपके हुक्म में रहूँ, गुरुजी
आपकी आज्ञा में बहूँ, गुरुजी
आपकी प्रेरणा के प्रकाश से दूर होता रहे मेरा अँधेरा
आपकी संवेदना के सूरज से रोशन रहे मेरा सवेरा
आप सागर बेअंत, मैं बूँद बनने के क़ाबिल भी नहीं, गुरुजी
आप जो भी कर रहे हैं, गुरुजी, वही है मेरे लिए सही, गुरुजी।
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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
…वही है मेरे लिए सही गुरुजी (04/08/2026)