अप्रैल ९, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# २९७२
तेरे भीतर
सनातन सुख है तेरे भीतर
तू उसे स्वीकार कर
कर उसका आलिंगन
शांत हो जाएगा तेरा मन।
मन को करने के लिए शांत
बहुत ज़रूरी है एकांत
गुरुजी संग वक्त गुज़ार
वे ही करायेंगे भवसागर से पार।
ज़रूरत नहीं कोई अल्फ़ाज़ कहने की
ज़रूरत है बस गुरुजी के चिंतन में रहने की
मन ही मन में उनसे होती रह सकती है बात
क्यूंकि मालिक तो सदा हैं साथ
ये सनातन सुख नहीं तो और क्या है
ये गुरुजी की ही दया है।
गुरुजी की दया का कर सत्कार
एक वे ही करते हैं तुझसे निस्वार्थ प्यार
मन में जितना बसने देगा तू संसार
उतना ही तड़पेगा तू बार बार
गुरुजी को बसा लिया जो मन में
तो और कोई नहीं चाहिए जीवन में
बाक़ी सब केवल फ़र्ज़ है, इक क़र्ज़ है
हर पल उसे अदा करता चल
और गुरुजी में मन को मग्न कर
सनातन सुख को पा अपने भीतर।
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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
तेरे भीतर (04/09/2026)