कर लो तय (04/10/2026)

अप्रैल १०, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# २९७३

              कर लो तय 

कर लो तय
कि हो जाओगे गुरुमय
मिट जाएगा भय
मिट जाएगा संशय
जीवन में आएगी ऐसी लय
कि रहोगे गुरुजी में तन्मय।

गुरुजी में तन्मय रहना ही है उपाय
अगर चाहते हो कि कोई कष्ट ना सताय
क्यूंकि कष्ट तो आयेंगे जीवन में
कुछ वक्त लेंगे, कुछ कटेंगे क्षण में
पर जब तक मग्न रहोगे गुरुजी के चिंतन में
कोई भी प्रतिक्रिया घर नहीं बना पाएगी तुम्हारे मन में।

बहते पानी की भाँति कष्ट आकर बह जायेंगे
तुम्हारी हिम्मत और सहनशीलता को कम ना कर पायेंगे
गुरुजी में तन्मय रहकर तुम्हारा मनोबल रहेगा सलामत
चाहे आ जाये जीवन में बड़ी से बड़ी क़यामत।

इसलिए दृढ़ कर लो निश्चय
कि गुरुजी में रहना है तन्मय
ताकि बेशक आ जाये प्रलय
तुम होगे निर्भय।

गुरुजी से करो अरदास
कि तुम्हारे हर श्वास में हो उनका निवास
गुरुजी देंगे तुम्हें अभय दान
तुम बस, उनका कहना लो मान।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

कर लो तय (04/10/2026)

तेरे भीतर (04/09/2026)

अप्रैल ९, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# २९७२

                 तेरे भीतर

सनातन सुख है तेरे भीतर
तू उसे स्वीकार कर
कर उसका आलिंगन
शांत हो जाएगा तेरा मन।

मन को करने के लिए शांत
बहुत ज़रूरी है एकांत
गुरुजी संग वक्त गुज़ार
वे ही करायेंगे भवसागर से पार।

ज़रूरत नहीं कोई अल्फ़ाज़ कहने की
ज़रूरत है बस गुरुजी के चिंतन में रहने की
मन ही मन में उनसे होती रह सकती है बात
क्यूंकि मालिक तो सदा हैं साथ
ये सनातन सुख नहीं तो और क्या है
ये गुरुजी की ही दया है।

गुरुजी की दया का कर सत्कार
एक वे ही करते हैं तुझसे निस्वार्थ प्यार
मन में जितना बसने देगा तू संसार
उतना ही तड़पेगा तू बार बार
गुरुजी को बसा लिया जो मन में
तो और कोई नहीं चाहिए जीवन में
बाक़ी सब केवल फ़र्ज़ है, इक क़र्ज़ है
हर पल उसे अदा करता चल
और गुरुजी में मन को मग्न कर
सनातन सुख को पा अपने भीतर।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

तेरे भीतर (04/09/2026)

…वही है मेरे लिए सही गुरुजी (04/08/2026)

अप्रैल ८, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# २९७१

 …वही है मेरे लिए सही गुरुजी 

दे दो भक्ति का दान, गुरुजी
अपने में लीन करो मेरे प्राण, गुरुजी
ये प्राण दिए हैं आप ने
ना गँवाऊ इन्हें दुख संताप में
इनसे लेती रहूँ मैं आपका नाम, गुरुजी
प्राणों का हो कल्याण, गुरुजी।

प्यारा लागे आपका धाम, गुरुजी
वहाँ रूह को मिले आराम, गुरुजी
अंश आप ही का तो है ये रूह
अपनापन महसूस करती है जब आपका स्पंदन लेता है छू
उसे आप में समाने का रहता है इंतज़ार, गुरुजी
कोशिश करने से ये ना माने हार, गुरुजी।

दिल चाहे आपसे बातें करते रहना का, गुरुजी
दिल चाहे सदा आपके प्रेम में बहने का, गुरुजी
होता है आपके अमृत का पान
तो मिट जाती है हर थकान
आप महासागर महान, गुरुजी
मैं नदिया, नन्ही और नादान, गुरुजी।

आपके हुक्म में रहूँ, गुरुजी
आपकी आज्ञा में बहूँ, गुरुजी
आपकी प्रेरणा के प्रकाश से दूर होता रहे मेरा अँधेरा
आपकी संवेदना के सूरज से रोशन रहे मेरा सवेरा
आप सागर बेअंत, मैं बूँद बनने के क़ाबिल भी नहीं, गुरुजी
आप जो भी कर रहे हैं, गुरुजी, वही है मेरे लिए सही, गुरुजी।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

…वही है मेरे लिए सही गुरुजी (04/08/2026)

रूहानी राहों पर (04/07/2026)

अप्रैल ७, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# २९७०

           रूहानी राहों पर 

चलते हुए रूहानी राहों पर
मिला प्यारे गुरुजी का दर
शुक्र हुआ कि खिला नसीब
मालिक ने बुलाया अपने करीब।

हृदय में गुरुजी जो हुए विराजमान
तो भीतर उनका नाम हुआ प्रकाशमान
गुरुजी और उनके नाम से होने लगा प्यार
उनकी प्रीत से सजने लगा मेरा घर संसार।

देते हैं गुरुजी मार्गदर्शन भीतर से
आशीष देते हैं अपने रूहानी कर से
एकांत में नहीं होता अकेलापन
गुरुजी से जुड़ा रहता है मन।

मोह होने लगा है पहले से कम
लेकिन अभी तो चलने हैं सैंकड़ों कदम
जीवनमुक्ती की अवस्था की ओर
देना होगा आत्मबोध पर और भी ज़ोर।

गुरुजी जानें किस बोध के लिए कब होना है मुझे तैयार
शुक्र है उन्होंने थामी है मेरी नैया की पतवार
वरना डूब ही जाती
और कभी किनारा ना पाती।

किंतु अब उम्मीद के साथ है पूरा विश्वास
कि गुरुजी किनारे तक पहुँचायेंगे
सफ़र का हर पहलू वे ही संभालें
वे ही सोए भाग्य जगायेंगे।

एकांत हो या हो कोलाहल
गुरुजी की याद रहे पल पल
गुरुजी ही गुरुजी बसे रहें मेरी भावदृष्टि में सदा
कभी ना महसूस करूँ स्वयं को उनसे जुदा।

गुरुजी से ही प्रेरणा
गुरुजी से ही चेतना
गुरुजी से ही मेरा हर श्वास
और क्या हो सकता है इस से खास
गुरुजी के सदा मेरे अंग संग होने का रहे मुझे एहसास
करती हूँ गुरुजी से मैं अरदास।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

सफ़र का क़िस्सा (04/06/2026)

अप्रैल ६, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# २९६९

          सफ़र का क़िस्सा

कोई दर्द को समेट कर
कोई दर्द से बिखर कर
पहुंचता है गुरुजी के दर पर
ताकि गुरुजी की हो जाये नदर।

गुरुजी अंतर्यामी हैं
वे सृष्टि के स्वामी हैं
कब और कैसे होनी है किसपर उनकी नदर
ये जानते हैं केवल गुरुवर।

गुरुजी हैं हमदर्द मेहरबान
सारी संगत ही है उनकी संतान
पर सबके अलग होते हैं इम्तहान
बेशक सबकी मंजिल की है एक सी पहचान।

दर्द सहना कहाँ है आसान
पर अनिवार्य हो जाता है सहनशीलता का इम्तहान
रूहानी ऊँचायी की सीढ़ी चढ़ने के वास्ते
इसलिए दर्द के साथ और भी मुश्किलों से भरे होते हैं अक्सर रास्ते।

आखिरकार, निभानी है अगर भूमिका भक्ति की
तो परीक्षा देनी होगी सहनशक्ति की
और कई अन्य परीक्षाएं भी उसके संग
तभी तो गहरा होगा भक्ति का रंग।

ना जीवन स्थायी है ना ये संसार
ना दर्द हमेशा रहेगा ना ये शरीर
पर जो भक्ति की भूमिका निभा लेगा अच्छे से
संवर जाएगी उसकी आत्मा की तक़दीर।

और आत्मा तो स्थायी है
गुरुजी का है ये हिस्सा
क्यों ना अपनी पूरी कोशिश से
संवारें इसके सफ़र का किस्सा?

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

सफ़र का क़िस्सा (04/06/2026)

सुकून मिलेगा ज़रूर (04/05/2026)

अप्रैल ५, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# २९६८

         सुकून मिलेगा ज़रूर

गुरुजी दे रहे हैं शिक्षा तुम्हें
समय और अनुभवों के माध्यम से
तुम सीखते चलो
उनकी रहमत और अपने श्रम से।

किताबी ज्ञान अपनी जगह है
किंतु अनिवार्य है अनुभव ज्ञान
बाहरी और भीतरी
रखते हुए सफ़र को जारी।

दुनिया में रहते हुए
गुरुजी से जुड़े रहना
भवसागर में तैरते हुए
तुम उनके प्रेम रस में डूबे रहना।

उनकी याद के नशे में होकर मस्त
उनके बख्शे सेवा, सिमरन, सत्संग में रहना व्यस्त
बेशक हो जाओ चुनौतियों से ग्रस्त
गुरु चरणों में झुक कर जोड़े रहना अपने हस्त।

गुरुजी के चरणों में पाओगे हर उलझन की सुलझन
गुरुजी के चरणों में हल्का कर पाओगे मन
देख लो कोशिश कर के किसी और के पास
चंद लम्हों में मन हो जाएगा दोबारा विचलित और उदास
किंतु गुरुजी के चरणों में मन को मिलेगी दीर्घकालिक राहत
वहीं मिलेगा वो मार्गदर्शन जिसकी तुम्हारे अंतस् को है चाहत।

क्यूंकि ये है रूह से रूह की बात
दुनियावी बातों से बिल्कुल बहुत दूर
और स्वयं परमात्मा हों जब तुम्हारे साथ
तो उनके चरणों में सुकून मिलेगा ज़रूर।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

सुकून मिलेगा ज़रूर (04/05/2026)

पूरण गुरु की कृपा बिन (04/04/2026)

अप्रैल ४, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# २९६७

                   पूरण गुरु की कृपा बिन 

पूरण गुरु की कृपा बिन
कलयुग के दल दल से कोई ना निकल पाये
ख़ुशक़िस्मत है हर वो जन
जिसे गुरुजी की शरण मिल जाये।

गुरुजी के चरण, गुरुजी के वचन
इनके आश्रय से चलने लग जाते हैं दल दल में फंसे हुए कदम
इनके अनुसरण से स्वस्थ हो पाता है भटका हुआ मन
वरना बढ़ती जा सकती है विषयों में लगन।

आये जो तृष्णा की बाड़
गुरु वचन से हो पाये उसपर भी वार
जीत में बदल जाये कैसी भी हार
कुछ ना बिगाड़ पाये विकारों और विषयों का प्रहार।

बेशक इधर से उधर हो जाये ये संसार
गुरुजी के चरण में मिलती रहे सुरक्षा अपरम्पार
गुरुजी की कृपा हर भक्त पर होती रहे अपार
बस, मन का बर्तन हो कृपा ग्रहण करने के लिए तैयार।

गुरुजी की रहमत से ही मेहनत लाए रंग
ख़ुशक़िस्मत है हर शख़्स गुरुजी हैं जिसके संग
गुरुजी के चरण में है रहमतों की ख़ान
जिसे पाकर तर जाये गुरुजी की हर संतान।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

पूरण गुरु की कृपा बिन (04/04/2026)

पिछले जन्मों के कर्म (04/03/2026)

अप्रैल ३, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# २९६६

                 पिछले जन्मों के कर्म 

पिछले जन्मों के कर्म
यूँ आए इस जन्म में भी पीछे पीछे
कि दब गया जीने का उत्साह
प्रारब्ध के भार के नीचे।

जायें जिधर
वे भी आते हैं उधर
बनकर साया
बदलने हर योजना की काया।

सोचते क्या हैं
लेकिन क्या जाता है हो
अब तो इस अजब से खेल में
बस, गए हैं हम खो।

गुरुजी की शरण में है इसका उपाय
आओ जपते चलें ओम नमः शिवाय
ओम नमः शिवाय शिवजी सदा सहाय
जो जपे वो गुरुजी की दया पाये।

प्रारब्ध से बचना नामुमकिन है
पूरण गुरु के बिना ये और भी कठिन है
इसलिए शुक्र है मिली है गुरुजी की शरण
उनके चरणों में जो कट जायें प्रारब्ध करम
तो आसान हो जाएगा आत्मा का सफ़र
क्यूंकि सफ़र के हर कदम पर होगी गुरुजी की सुरक्षा
और जो सफ़र गुरुजी ने स्वयं है बख्शा
जब वे ख़ुद ही होंगे उसके संचालक
तो जिस तरह से प्रारब्ध कटवायेंगे वे प्रतिपालक
कोई नहीं कटवा सकता है उस तरह से कभी
आज या कल मान जायेंगे ये भक्त सभी।

उन्ही में हैं राम और साईं, उन्ही में अल्लाह
बस, अब कभी ना छूटे गुरुजी का पल्ला
आ जाये जो गुरुजी को प्रसन्न करने की कला
तो निश्चित है इस सफ़र में भला।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

पिछले जन्मों के कर्म (04/03/2026)

गुरुजी की कृपा अपरम्पार (04/02/2026)

अप्रैल २, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# २९६५

                गुरुजी की कृपा अपरम्पार 

ना शोक से ना भय से
ना मन में किसी संशय से
मृत्यु में करना प्रवेश
तुम्हारे संग होंगे तुम्हारे सर्वेश
तुम्हारे गुरुजी महाराज
तुम्हारे सुंदर सरताज।

मृत्यु तो सच्चाई है
ना कि जीवन से बेवफ़ाई है
आत्मा शरीर बदलती है, चेतना शायद बदल लेती है लोक
सभी के सैंग ये होना है, फिर काहे का शोक?

गुरुजी हैं गुरु पूरण
उनसे जुड़ा हो जब जीवन
मिल जाये जो उनका साथ हर क्षण
तो मृत्यु भी है ऐसा नया जीवन
जो होगा अति सुंदर।

गुरुजी के प्रसाद से
कुछ जन जीते हुए भी होते हैं यूँ आज़ाद से
ये जीवन मुक्त कहलाते हैं
जो जीते जी मुक्ति पाते हैं।

जिसके करम हों जैसे
गुरुजी ही जानें कि वे कटवाने हैं उन्होंने कैसे
मुक्ति की ओर ले जाने के लिए
आत्मा को स्वयं में समाने के लिए।

जैसे भी जीवन का हर पल रहा है गुज़र
याद रखना होगा करते रहना गुरुजी का शुकर
बहुतों से अच्छे हैं हमारे हालात
ये है बिल्कुल पक्की बात।

और सब हो रहा है गुरुजी की निगरानी में
इस से ज़्यादा अच्छी बात हो नहीं सकती ज़िंदगानी में
यकीनन कई सारे लम्हे लगते हैं कठिन
अक्सर आँसू बहाते हुए भी गुज़र जाते हैं दिन
पर दिल में बसी रहती है गुरुजी की याद
बिन उन्हें कहे भी वे सुन रहे होते हैं फ़रियाद
ये सत्य कहीं ना कहीं देता है एक अद्भुत हिम्मत
ऐसा हौंसला जो देता है हर कदम पर सुमत
सब गुरुजी के आशीष से
उन्ही की बख़्शीश से।

सफ़र यूँ ही गुज़रता रहे गुरुजी की शरण में
ऐसी रूहानी कशिश है उनके चरण में
अमृत की धारा बहती है निरंतर वहाँ
आशीर्वाद के रूप में
रब स्वयं बसते हैं
गुरुजी के हर स्वरूप में
दिल को हर दुख और परेशानी से मिलती है राहत
पोषित हो जाती है गुरुजी को पाने की चाहत
जीते जी दिखता है यहाँ मुक्ति का द्वार
यूँ बरसती है गुरुजी की कृपा अपरम्पार।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

गुरुजी की कृपा अपरम्पार (04/02/2026)

दर्द कितना भी हो… (04/01/2026)

अप्रैल १, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# २९६४

                      दर्द कितना भी हो…

दर्द कितना भी हो
कोशिश करो मुस्कुराने की
बेशक ख़ुद खो जाओ उनमें
कोशिश करो तुम गुरुजी को पाने की
मंजिल बेशक लगे दुर्गम
कोशिश करो उस तक पहुँच पाने की
जीना जो मुश्किल लगने लगे
तो कोशिश करो मनोबल बढ़ाने की।

तुम्हारा बढ़ता मनोबल
काम आयेगा आज और कल
जीना सरल करेगा हर पल
कम करेगा भीतर का मल।

वो मल, जो पाश है और तुम्हें पशु बनाता है
तुम्हारी कमज़ोरी का फ़ायदा उठाता है
इस पाश से आज़ाद होना आवश्यक है
वरना ये सफ़र विफल और निरर्थक है।

गुरुजी ने बख़्शा है तुम्हें सिमरन
वे देख रहे हैं तुम्हारा प्रयास
उनके सिमरन द्वारा करते चलो उनका चिंतन
तनिक तो बैठो तुम उनके पास।

जिसका मन गुरुजी से जुड़ा रहेगा निरंतर
जिसका मन उन्हें याद करेगा निरंतर
उसका मनोबल बढ़ता जाएगा
वो रूहानी ऊँचाई चढ़ता जाएगा।

वक्त के झरने तो सदा बहेंगे
उतार चढ़ाव आते जाते रहेंगे
मन जो रहेगा तुम्हारे कहने में
तो आसानी होगी स्थिर और सहज रहने में
ये अनिवार्य है चुनौतियों का सामना करने के वास्ते
वरना कैसे तय करोगे तुम इस जीवन के रास्ते?

गुरुजी से आज्ञा लेकर
अपना सर्वस्व गुरुजी को देकर
जैसा सिमरन और ध्यान वे करायें, वैसा होने दो
तुम कोशिश करो, परंतु जिद्द और अहम में ख़ुद को ना खोने दो।

गुरुजी को है ज्ञात
तुम्हारी हर बात
वे जानें तुम्हारे लिए कब क्या है सही
तुम उनके जैसे जान सकते ही नहीं
जिन सदाशिव रूपी गुरुजी ने तुम्हें सब कुछ है दिया
तुम उनके हुक्म में रहकर करते चलो उनका शुक्रिया।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

दर्द कितना भी हो… (04/01/2026)