सफ़र का क़िस्सा (04/06/2026)

अप्रैल ६, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# २९६९

          सफ़र का क़िस्सा

कोई दर्द को समेट कर
कोई दर्द से बिखर कर
पहुंचता है गुरुजी के दर पर
ताकि गुरुजी की हो जाये नदर।

गुरुजी अंतर्यामी हैं
वे सृष्टि के स्वामी हैं
कब और कैसे होनी है किसपर उनकी नदर
ये जानते हैं केवल गुरुवर।

गुरुजी हैं हमदर्द मेहरबान
सारी संगत ही है उनकी संतान
पर सबके अलग होते हैं इम्तहान
बेशक सबकी मंजिल की है एक सी पहचान।

दर्द सहना कहाँ है आसान
पर अनिवार्य हो जाता है सहनशीलता का इम्तहान
रूहानी ऊँचायी की सीढ़ी चढ़ने के वास्ते
इसलिए दर्द के साथ और भी मुश्किलों से भरे होते हैं अक्सर रास्ते।

आखिरकार, निभानी है अगर भूमिका भक्ति की
तो परीक्षा देनी होगी सहनशक्ति की
और कई अन्य परीक्षाएं भी उसके संग
तभी तो गहरा होगा भक्ति का रंग।

ना जीवन स्थायी है ना ये संसार
ना दर्द हमेशा रहेगा ना ये शरीर
पर जो भक्ति की भूमिका निभा लेगा अच्छे से
संवर जाएगी उसकी आत्मा की तक़दीर।

और आत्मा तो स्थायी है
गुरुजी का है ये हिस्सा
क्यों ना अपनी पूरी कोशिश से
संवारें इसके सफ़र का किस्सा?

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

सफ़र का क़िस्सा (04/06/2026)

सुकून मिलेगा ज़रूर (04/05/2026)

अप्रैल ५, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# २९६८

         सुकून मिलेगा ज़रूर

गुरुजी दे रहे हैं शिक्षा तुम्हें
समय और अनुभवों के माध्यम से
तुम सीखते चलो
उनकी रहमत और अपने श्रम से।

किताबी ज्ञान अपनी जगह है
किंतु अनिवार्य है अनुभव ज्ञान
बाहरी और भीतरी
रखते हुए सफ़र को जारी।

दुनिया में रहते हुए
गुरुजी से जुड़े रहना
भवसागर में तैरते हुए
तुम उनके प्रेम रस में डूबे रहना।

उनकी याद के नशे में होकर मस्त
उनके बख्शे सेवा, सिमरन, सत्संग में रहना व्यस्त
बेशक हो जाओ चुनौतियों से ग्रस्त
गुरु चरणों में झुक कर जोड़े रहना अपने हस्त।

गुरुजी के चरणों में पाओगे हर उलझन की सुलझन
गुरुजी के चरणों में हल्का कर पाओगे मन
देख लो कोशिश कर के किसी और के पास
चंद लम्हों में मन हो जाएगा दोबारा विचलित और उदास
किंतु गुरुजी के चरणों में मन को मिलेगी दीर्घकालिक राहत
वहीं मिलेगा वो मार्गदर्शन जिसकी तुम्हारे अंतस् को है चाहत।

क्यूंकि ये है रूह से रूह की बात
दुनियावी बातों से बिल्कुल बहुत दूर
और स्वयं परमात्मा हों जब तुम्हारे साथ
तो उनके चरणों में सुकून मिलेगा ज़रूर।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

सुकून मिलेगा ज़रूर (04/05/2026)

पूरण गुरु की कृपा बिन (04/04/2026)

अप्रैल ४, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# २९६७

                   पूरण गुरु की कृपा बिन 

पूरण गुरु की कृपा बिन
कलयुग के दल दल से कोई ना निकल पाये
ख़ुशक़िस्मत है हर वो जन
जिसे गुरुजी की शरण मिल जाये।

गुरुजी के चरण, गुरुजी के वचन
इनके आश्रय से चलने लग जाते हैं दल दल में फंसे हुए कदम
इनके अनुसरण से स्वस्थ हो पाता है भटका हुआ मन
वरना बढ़ती जा सकती है विषयों में लगन।

आये जो तृष्णा की बाड़
गुरु वचन से हो पाये उसपर भी वार
जीत में बदल जाये कैसी भी हार
कुछ ना बिगाड़ पाये विकारों और विषयों का प्रहार।

बेशक इधर से उधर हो जाये ये संसार
गुरुजी के चरण में मिलती रहे सुरक्षा अपरम्पार
गुरुजी की कृपा हर भक्त पर होती रहे अपार
बस, मन का बर्तन हो कृपा ग्रहण करने के लिए तैयार।

गुरुजी की रहमत से ही मेहनत लाए रंग
ख़ुशक़िस्मत है हर शख़्स गुरुजी हैं जिसके संग
गुरुजी के चरण में है रहमतों की ख़ान
जिसे पाकर तर जाये गुरुजी की हर संतान।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

पूरण गुरु की कृपा बिन (04/04/2026)

पिछले जन्मों के कर्म (04/03/2026)

अप्रैल ३, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# २९६६

                 पिछले जन्मों के कर्म 

पिछले जन्मों के कर्म
यूँ आए इस जन्म में भी पीछे पीछे
कि दब गया जीने का उत्साह
प्रारब्ध के भार के नीचे।

जायें जिधर
वे भी आते हैं उधर
बनकर साया
बदलने हर योजना की काया।

सोचते क्या हैं
लेकिन क्या जाता है हो
अब तो इस अजब से खेल में
बस, गए हैं हम खो।

गुरुजी की शरण में है इसका उपाय
आओ जपते चलें ओम नमः शिवाय
ओम नमः शिवाय शिवजी सदा सहाय
जो जपे वो गुरुजी की दया पाये।

प्रारब्ध से बचना नामुमकिन है
पूरण गुरु के बिना ये और भी कठिन है
इसलिए शुक्र है मिली है गुरुजी की शरण
उनके चरणों में जो कट जायें प्रारब्ध करम
तो आसान हो जाएगा आत्मा का सफ़र
क्यूंकि सफ़र के हर कदम पर होगी गुरुजी की सुरक्षा
और जो सफ़र गुरुजी ने स्वयं है बख्शा
जब वे ख़ुद ही होंगे उसके संचालक
तो जिस तरह से प्रारब्ध कटवायेंगे वे प्रतिपालक
कोई नहीं कटवा सकता है उस तरह से कभी
आज या कल मान जायेंगे ये भक्त सभी।

उन्ही में हैं राम और साईं, उन्ही में अल्लाह
बस, अब कभी ना छूटे गुरुजी का पल्ला
आ जाये जो गुरुजी को प्रसन्न करने की कला
तो निश्चित है इस सफ़र में भला।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

पिछले जन्मों के कर्म (04/03/2026)

गुरुजी की कृपा अपरम्पार (04/02/2026)

अप्रैल २, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# २९६५

                गुरुजी की कृपा अपरम्पार 

ना शोक से ना भय से
ना मन में किसी संशय से
मृत्यु में करना प्रवेश
तुम्हारे संग होंगे तुम्हारे सर्वेश
तुम्हारे गुरुजी महाराज
तुम्हारे सुंदर सरताज।

मृत्यु तो सच्चाई है
ना कि जीवन से बेवफ़ाई है
आत्मा शरीर बदलती है, चेतना शायद बदल लेती है लोक
सभी के सैंग ये होना है, फिर काहे का शोक?

गुरुजी हैं गुरु पूरण
उनसे जुड़ा हो जब जीवन
मिल जाये जो उनका साथ हर क्षण
तो मृत्यु भी है ऐसा नया जीवन
जो होगा अति सुंदर।

गुरुजी के प्रसाद से
कुछ जन जीते हुए भी होते हैं यूँ आज़ाद से
ये जीवन मुक्त कहलाते हैं
जो जीते जी मुक्ति पाते हैं।

जिसके करम हों जैसे
गुरुजी ही जानें कि वे कटवाने हैं उन्होंने कैसे
मुक्ति की ओर ले जाने के लिए
आत्मा को स्वयं में समाने के लिए।

जैसे भी जीवन का हर पल रहा है गुज़र
याद रखना होगा करते रहना गुरुजी का शुकर
बहुतों से अच्छे हैं हमारे हालात
ये है बिल्कुल पक्की बात।

और सब हो रहा है गुरुजी की निगरानी में
इस से ज़्यादा अच्छी बात हो नहीं सकती ज़िंदगानी में
यकीनन कई सारे लम्हे लगते हैं कठिन
अक्सर आँसू बहाते हुए भी गुज़र जाते हैं दिन
पर दिल में बसी रहती है गुरुजी की याद
बिन उन्हें कहे भी वे सुन रहे होते हैं फ़रियाद
ये सत्य कहीं ना कहीं देता है एक अद्भुत हिम्मत
ऐसा हौंसला जो देता है हर कदम पर सुमत
सब गुरुजी के आशीष से
उन्ही की बख़्शीश से।

सफ़र यूँ ही गुज़रता रहे गुरुजी की शरण में
ऐसी रूहानी कशिश है उनके चरण में
अमृत की धारा बहती है निरंतर वहाँ
आशीर्वाद के रूप में
रब स्वयं बसते हैं
गुरुजी के हर स्वरूप में
दिल को हर दुख और परेशानी से मिलती है राहत
पोषित हो जाती है गुरुजी को पाने की चाहत
जीते जी दिखता है यहाँ मुक्ति का द्वार
यूँ बरसती है गुरुजी की कृपा अपरम्पार।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

गुरुजी की कृपा अपरम्पार (04/02/2026)

दर्द कितना भी हो… (04/01/2026)

अप्रैल १, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# २९६४

                      दर्द कितना भी हो…

दर्द कितना भी हो
कोशिश करो मुस्कुराने की
बेशक ख़ुद खो जाओ उनमें
कोशिश करो तुम गुरुजी को पाने की
मंजिल बेशक लगे दुर्गम
कोशिश करो उस तक पहुँच पाने की
जीना जो मुश्किल लगने लगे
तो कोशिश करो मनोबल बढ़ाने की।

तुम्हारा बढ़ता मनोबल
काम आयेगा आज और कल
जीना सरल करेगा हर पल
कम करेगा भीतर का मल।

वो मल, जो पाश है और तुम्हें पशु बनाता है
तुम्हारी कमज़ोरी का फ़ायदा उठाता है
इस पाश से आज़ाद होना आवश्यक है
वरना ये सफ़र विफल और निरर्थक है।

गुरुजी ने बख़्शा है तुम्हें सिमरन
वे देख रहे हैं तुम्हारा प्रयास
उनके सिमरन द्वारा करते चलो उनका चिंतन
तनिक तो बैठो तुम उनके पास।

जिसका मन गुरुजी से जुड़ा रहेगा निरंतर
जिसका मन उन्हें याद करेगा निरंतर
उसका मनोबल बढ़ता जाएगा
वो रूहानी ऊँचाई चढ़ता जाएगा।

वक्त के झरने तो सदा बहेंगे
उतार चढ़ाव आते जाते रहेंगे
मन जो रहेगा तुम्हारे कहने में
तो आसानी होगी स्थिर और सहज रहने में
ये अनिवार्य है चुनौतियों का सामना करने के वास्ते
वरना कैसे तय करोगे तुम इस जीवन के रास्ते?

गुरुजी से आज्ञा लेकर
अपना सर्वस्व गुरुजी को देकर
जैसा सिमरन और ध्यान वे करायें, वैसा होने दो
तुम कोशिश करो, परंतु जिद्द और अहम में ख़ुद को ना खोने दो।

गुरुजी को है ज्ञात
तुम्हारी हर बात
वे जानें तुम्हारे लिए कब क्या है सही
तुम उनके जैसे जान सकते ही नहीं
जिन सदाशिव रूपी गुरुजी ने तुम्हें सब कुछ है दिया
तुम उनके हुक्म में रहकर करते चलो उनका शुक्रिया।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

दर्द कितना भी हो… (04/01/2026)

प्यार का स्पंदन (03/31/2026)

मार्च ३१, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# २९६३

                          प्यार का स्पंदन

अति-उत्तम है प्यार का स्पंदन
बेशर्ते निस्वार्थ हो वो प्यार
प्यार आरोग्यता का उपाय है ऐसा
जिस से निरोगी हो सकता है समस्त संसार।

चाहे हो वो मानसिक या शारीरिक रोग
चाहे वो हो कर्मों का भोग
निस्वार्थ प्यार है उत्तम उपचार
अनमोल है निस्वार्थ प्यार।

किंतु हम इंसानों का अहंकार
हमें करने नहीं देता निस्वार्थ प्यार
ना जाने कैसे और क्यों
स्वार्थ के समक्ष प्यार मान लेता है हार।

गुरुजी हैं परवरदिगार
वे करें सारी संगत से निस्वार्थ प्यार
ये जानते हुए कि हमारे में हैं अनगिनत विकार
गुरुजी सदा रहते हैं निर्विकार।

कर पायें हम जो गुरुजी से निस्वार्थ प्यार
तो और भी शुद्ध हो जाये हमारे भीतर का संसार
बाहरी संसार तो वैसे ही हमारा नहीं
क्यों ना भीतर के संसार का वातावरण बनायें सही
गुरुजी संग निस्वार्थ प्यार का रिश्ता निभायें
इस निस्वार्थ प्यार के पारस्परिक नाते में रम जायें
बाहरी संसार की वफ़ा तो कभी कम होती है कभी ज़्यादा
गुरुजी संग वफ़ा का निभायें श्रद्धा से वादा
यही रिश्ता आगे भी काम आयेगा
बाक़ी हर रिश्ता यहीं रह जाएगा
क़र्ज़ और फ़र्ज़ हैं बाक़ी रिश्ते सब
निस्वार्थ रिश्ता निभाते हैं केवल रब
हम भी छोड़ दें इस रिश्ते में लेन देन और व्यापार
निस्वार्थता को अपनाकर हम करें गुरुजी के निस्वार्थ प्यार को स्वीकार।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

प्यार का स्पंदन (03/31/2026)

Adheen (03/30/2026)

March 30, 2026

Om Namaha Shivaya
Aaj Ka Suvichaar 🙏🏻🙏🏻

#2962
              Adheen

Guruji Maharaj Hain Apne bhakton ke adheen
Kintu kya hum ho gaye hain itne Shivleen
Ki tann mann se Unke ho gaye Hain hum
Kya hum kar paaye hain Unhe sarvsamarpan?

Kisee aur ko nahin, khud ko hee dena hoga is sawaal ka jawaab
Guruji toh jaante hee Hain, hum sab hain Unke liye khuli kitaab
Pita Paramatama kaise na jaanenge Apne bachchon ke bheetar kee baat
Hum beshak Unkee chhoti si kiran hain, Ve toh swayam Hain aaftaab.

Ve rakhte Hain Apni har kiran ko roshan
Ve karte Hain Apne prataap se har kiran ka poshan
Aur har kiran shaam aane par Unhee mein jaati hai samaa
Kyun na aisa samarpan kar hum lein Unkee panaah?

Guruji baithey Hain phailaakar Apna aseem aanchal
Is aanchal mein har bhakt kar de jo sab samarpan
Toh khud ko zindagi aur karam na lagenge jaise koi bhaar
Kyunki har bhaar Apne aanchal mein sanjo lenge Guru Parwardigaar.

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

Jai Guruji 🙏🙏
Dhirja

Adheen (03/30/2026)

Guruji Hee Ehsaas Mein (03/29/2026)

March 29, 2026

Om Namaha Shivaya
Aaj Ka Suvichaar 🙏🏻🙏🏻

#2961

Guruji Hee Ehsaas Mein

Guruji hee ehsaas mein
Guruji hee har shwaas mein
Guruji hee vishwaas mein
Guruji hee awaaz mein
Guruji har geet har saaz mein
Guruji hriday ke niwaas mein.

Guruji hee Guruji
Baahar aur bheetar
Guruji hee Guruji
Idhar aur udhar.

Guruji hee Guruji
Chaahe netra khuley hon ya hon bandd
Guruji hee Guruji
Chaahe chehre par hon aansoo ya phir muskaan mandd.

Har kaam Guruji ko arpit
Har imtehaan Unhe samarpit
Har pal Guruji ko chete chitt
Guruji sadaiv karein bhakt ka hitt.

Guruji hee Guruji
Bheed mein aur ekant mein
Guruji hee Guruji
Shor mein aur shant mein.

Guruji se hee shuru safar
Guruji par hee ho khatam
Aisa ho jiska jeevan
Uska toh safal ho jaaye janam maran.

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

Jai Guruji 🙏🙏
Dhirja

Guruji Hee Ehsaas Mein (03/29/2026)

Sahi Disha Aur Manzil (03/28/2026)

March 28, 2026

Om Namaha Shivaya
Aaj Ka Suvichaar 🙏🏻🙏🏻

#2960
Sahi Disha Aur Manzil

Bheetar kee oorja toh bahegi
Ye toh hai uska niyam
Zaroori hai oorja ka sadupyog
Veh vyarth na jaane paaye
Anaavashyak vichaar aur vyavhaar se swayam ko bachaana
Oorja ahankar mein parivartit na honei paaye.

Guruji se ardaas karein
Ki Ve hamaari oorja ko sahi disha bakhshein
Sewa, simran, satsang kee oar
Ruhaani insaaniyat ke rangg kee oar
Aur har uss disha mein jahaan Ve le jaana chaahein
Thaam kar hamaari baahein
Jis tareh se ho Unkee ichcha
Kyunki Unka nirnay sada hai achcha.

Guruji hee sanchaalak bann kar rahein is oorja ke
Guruji hee araadhya bann kar rahein pooja ke
Ve SadaShiv ka swaroop Hain swayam
Koi aur nahin Unse oopar
Aur Ve hee pradaata Hain is oorja ke
Jo hai hum sangat ke bheetar.

Guruji hee Hain praanon ke aadhaar
Bheetar kee oorja hai Unka hee ashirwaad
Judey rahenge oorja aur praan jo Guruji Maharaj se
Toh sahi disha aur manzil ka ashish milega Guru sartaj se.

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

Jai Guruji 🙏🙏
Dhirja

Sahi Disha Aur Manzil (03/28/2026)