मई ५, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# २९९८
अनावश्यक
मुझे रास्ता नहीं आ रहा नज़र
परंतु जानती हूँ की जारी है सफ़र
इसलिए जानती हूँ क्योंकि गुरुजी मुझे चला रहे हैं
उस रास्ते पर जो वे स्वयं बना रहे हैं।
थामे हुए मेरा हाथ
हर पल वे हैं मेरे साथ
कर रहे हैं मार्गदर्शन
जिसका कर रही हैं अनुसरण
मेरी आँखें रूहानी
और चल रही है ज़िंदगानी।
मैं वैसे भी क्या जानूँ
मेरा किसमें है कल्याण
किंतु गुरुजी जानें सब कुछ
क्यूँकि वे हैं भगवान।
शुक्र है उनके हुक्म में हो रहा है सब
शुक्र है कि वे जानते हैं सब और कब कब
क्या होना है और कैसे
और वो चाहें जब और जैसे
वे बदल सकते हैं नियति का रुख़
स्वयं ही नाप तोल कर कर्म और सुख दुख।
सब कुछ जानते हैं गुरुजी
सब कुछ संभालते हैं गुरुजी
मार्गदर्शक हैं गुरुजी
संचालक हैं गुरुजी
प्रेरक भी गुरुजी
शुभचिंतक भी गुरुजी
चले गुरुजी की ही मर्जी
बस, अब अनावश्यक है कोई भी अर्जी।
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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
अनावश्यक (05/05/2026)