मई २०,२०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३०१३
गुरुजी की कृपा
ज़रूरी नहीं की गुरुजी की कृपा शोर बन कर आये
हो सकता है वो जीवन का एक नया दौर बन कर आए
या फिर एक संतोषजनक परिस्थिति
या फिर बन कर मन की शांत स्थिति।
या सुलझी हुई मत बनकर
या लौटी हुई पत बनकर
या निरोगी काया का रूप लेकर
या शरद ऋतु में धूप लेकर।
गुरुजी के प्रति शुक्र हर श्वास से
पूजना गुरुजी को विश्वास से
ये सभी उनकी कृपा के बिन
एक पल के लिए भी नहीं हैं मुमकिन।
कष्ट भी आयें तो उनकी कृपा की
बदौलत
क्यूँकि वे हैं कर्मों के फल के दाता
कर्म ना कटेंगे तो आगे कैसे बढ़ेंगे
ये ज्ञान भी गुरुजी से है मिल पाता।
सुख में भी और दुख में भी
गुरुजी की कृपा समाई है
दुख का सामना करने की हिम्मत
संगत ने गुरुजी से पायी है।
गुरुजी की कृपा बेशक कभी कभी हो अदृश्य
किंतु ये यकीनन संवार रही है संगत के जीवन का दृश्य
इस बात में नहीं है कोई संशय
इसका प्रमाण देता है समय
सही समय आता है जब
और भक्त समझ पाये, तब
और गुरुजी ही जानें वो समय होता है कब
क्यूँकि वे केवल गुरु नहीं हैं, वे तो हैं रब।
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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा