जुलाई ४, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३०५८
सुखदायी होगा सफ़र
मोह होता है बहुत ही दुखदायी
हर किसी ने इस से अशांति ही है पायी
फिर भी फँसते रहते हैं इसके जाल में
और ख़ुद को पाते हैं बेक़ाबू से हाल में।
पदार्थों में और लोगों में मोह
तरह तरह के भोगों में मोह
स्वयं ही करते हैं अहंकार को पोषित
अपने मन को करते हैं दूषित।
जिसे चाहें, उसे खोने का भय
और साथ में अक्सर क्रोध और संशय
इधर उधर की बातों का रिश्तों पर प्रभाव
कोई प्यारा दूर हो जाये तो सताये उसका अभाव।
गुरुजी महाराज में आसक्त हों जायें
भोगों से, लोगों से अनासक्त हो पायें
ये गुरुजी की मेहर से ही हो पाये
और जीना पहले से सरल हो जाये।
गुरुजी को आकर्षित करें अपनी ओर
उनकी याद में आसक्त रहकर
उनके प्रति प्रेम भाव में बहकर
उनसे दिल की हर बात कहकर।
कमी नहीं बदलते रिश्तों की
जीवन के रंग मंच पर
गुरुजी में जितना मग्न रहेंगे
उतना ही सुखदायी होगा सफ़र।
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जय गुरुजी🙏🙏
धीरजा
सुखदायी होगा सफ़र (07/04/2026)