जुलाई ६, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३०६०
आसमान के आँचल में…
आसमान के आँचल में
झूमते हैं चाँद तारे
गुरुजी के दिव्य आँचल में
पल रहे हैं हम सारे
आसमान भी तारे भी
गुरुजी के प्यारे सभी
सूरज की हर किरण
हर तरुवर और उपवन।
हर पक्षी, हर पशु
है गुरुजी का ही शिशु
धरती, अग्नि, और वायु भी
उनसे अर्ज़ी करें अपनी आयु की।
हर नदिया हर सागर
गुरु प्रेम से भरे अपनी गागर
हर कली हर फूल
बनना चाहे उनके चरणों की धूल।
हर जन जो आए गुरुजी की शरण में
उसे गुरुजी से हो जाये प्यार
इतनी अनोखी गरिमा है उनकी महिमा की
कि सभी उन्हें याद करें बार बार।
गुरुजी महाराज की कृपा बिन
अस्तित्व नहीं किसी का किसी भी दिन
गुरुजी हैं सुरक्षा की ढाल
वे करें सभी को निहाल
मर्ज़ी चले उनकी, उसी में है भला सब का
वैसे भी, कौन नकार सकता है वचन रब का।
गुरुजी का वचन सबसे पावन और शक्तिशाली
गुरुजी के हर वचन की गहरायी है निराली
जो वचन मान ले उनका, तर जाये हर वो प्राणी
गुरुजी के वचन पर अमल कर के सुहानी हो आगे की ज़िंदगानी।
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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
आसमान के आँचल में… (07/06/2026)