जुलाई १३, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३०६७
कर लो तुम आत्म-मंथन
गुरुजी ने बख़्शा है सिमरन
कर लो तुम आत्म-मंथन
हो जाएगा पवित्रीकरण
साफ़ हो जाएगा मन
मन बन जाएगा काबिल गुरु प्रसाद पाने को
ग्रहण करने कृपा के ख़ज़ाने को।
पहले प्रतिकूल ख़याल भी आयेंगे
विचारों के तूफ़ान भी सतायेंगे
जारी रखना तुम आत्म-मंथन के प्रयास को
गुरुजी की कृपा से दूर होने देना हर अध्यास को।
क्यूँकि अध्यास है मृगतृष्णा के समान
होने नहीं देता मूल का ज्ञान
केवल गुरु कृपा से होता है इस ज्ञान का अनुमान
और इसी ज्ञान से सफल होते हैं प्राण।
बाकी सब दुनियावी ज्ञान है
दुनिया में रहने के लिए तो है आवश्यक
लेकिन रूहानी ज्ञान पाने के लिए
ज़रूरी है कोशिश अथक।
कलयुग में कष्टों का पलड़ा है भारी
और गुरुजी अपनी लीला से करा रहे हैं हमारी तैयारी
रमने की उनकी बंदगी में
ताकि हम ना तड़पें ज़िंदगी में।
जो उनकी याद में रहेगा मस्त
जो उनके सिमरन में रहेगा व्यस्त
उसे कलयुग कम सतायेगा
क्यूँकि भक्ति का पलड़ा भारी हो जाएगा।
क्यूँकि समय ने युगों का नियम तो है चलाना
युगों ने अपनी बारी से है आना और जाना
सबसे सुरक्षित ठिकाना है गुरुजी की शरण
हर समय सुखदायी हैं गुरुजी के कमल चरण।
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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
कर लो तुम आत्म-मंथन (07/13/2026)