अगस्त २, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३०८७
ज्ञान बिना…
ज्ञान बिना भीतर हो भय
ज्ञान ना हो तो बढ़े संशय
भीतर के भय को हटाना होगा
हर संशय को मिटाना होगा
आगे बढ़ने के लिए
रूहानी सीढ़ी चढ़ने के लिए।
ध्यान बिना ज्ञान नहीं
ध्यान नहीं बिन सिमरन
अब तक ना हुआ तो अर्ज़ी करो
कि सिमरन में लग जाये मन…
वैसे ही जैसे गुरुजी चाहें
उज्जवल कर के तुम्हारी राहें।
गुरुजी की कृपा बिना
हो ना पाये उनका चिंतन
गुरुजी कृपा करें तो हो पाये
मन द्वारा उनका सिमरन।
गुरुजी की याद में रहने में है इक रूहानी मिठास
उनकी याद में रहने से बुझे आध्यात्मिक प्यास
लेकर उनकी याद में उनका नाम
उज्ज्वल रहेगा अंतस का धाम
उनके नाम के दीप का करो धन्यवाद
रह कर उनकी याद से आबाद।
जितना गहन होगा याद का भाव
उतना ही प्रेमपूर्ण होगा स्वभाव
गुरुजी में उतना ही रमते जाओगे
उनकी ओर बढ़ते जाओगे।
उससे अनेकों अधिक कदम
गुरुजी बढ़ायेंगे तुम्हारी ओर
तुम्हारा भय और संशय छूटता जाएगा
तुम्हारा अहंकार टूटता जाएगा
गुरुजी तुम्हें सुधारेंगे
गुरुजी तुम्हें संवारेंगे
अनुग्रहीत होगा बीज तुम्हारी भक्ति का
निकट आता जाएगा मंज़र मुक्ति का।
बिन किए और वक़्त ज़ाया
निखार लो अपनी रूहानी काया
जिसने गुरुजी की याद से जोड़ लिया सुर्त को
जिसने अपने भीतर समा लिया गुरुजी की मूरत को
वो रहे संदेह-मुक्त और निर्भय
जोड़कर गुरुजी से लय।
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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
ज्ञान बिना… (08/02/2026)