अगस्त १२, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३०९७
आपकी होने लगी…
परम पूज्य गुरुवर मेरे,
आपकी होने लगी आप में खो के
शिवरूपी महसूस करने लगी आपकी प्रेम की लौ से
आपकी दया के लिए शुक्रिया
आपने अपने में खोने का मौक़ा दिया।
भीगने लगी हूँ आपकी कृपा की बरसात में
सुकून पाने लगी हूँ आपकी दी हर दात में
ना जाने सोई हूँ या जगी हूँ
आपके प्रेम के वश में होने लगी हूँ
आपकी याद से ही परिपूर्ण रहता है मेरे जीवन का हर पल
मेरे बिन बोले ही कष्ट जाते हैं टल
आप अनमोल लम्हे बख़्शते हैं रूहानी दीदार के
प्याले पिलाते हैं अपने अमृत रूपी प्यार के
जल और चाय प्रसाद के रूप में
आशीष देते हैं लंगर प्रसाद अनूप में।
आपने अपने से मुझे जोड़ा है जब से
जीवन ही बदल गया है तब से
अकल्पनीय उतार-चढ़ाव
आपको याद करते रहने का चाव
मन में आपके प्रति ऐसा भाव
जैसा ईश्वर के प्रति पहले कभी ना हुआ
पर आपकी लीला ने रूह को यूँ छुआ
कि अब आपकी याद के बिन जीना नहीं गवारा
अच्छा लगता है हर वह नज़ारा
जहाँ आपको देख पाऊँ तन मन के लोचन से
कोशिश रहती है कि कहती रहूँ हर जन से
कि ईश्वर का स्वरूप हैं मेरे गुरुजी महाराज
ब्रह्माण्डों के शहंशाह हैं मेरे गुरुवर सरताज।
हो सकता है कई लोग सोचते हों कि मैं हूँ दीवानी
सच भी है ये क्यूँकि आपकी दीवानी है ये निमाणी
इस दीवानेपन में है अनोखा सुख और संतोष
इस दीवानेपन में ही रहूँ मदहोश
कभी अपने से दूर ना करना, मेरे सरकार
चाहे में रहूँ इस पार या उस पार।
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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
आपकी होने लगी… (08/12/2026)