करते रहिए रहम (09/02/2026)

ितंबर २, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३११८

                        करते रहिए रहम 

परम पूज्य गुरुवार,

करते रहिए रहम
लगाते रहिए मरहम
अपने नाम की
ताकि भरते रहें ज़ख़म।

क्यूँकि जब तक है ये तन
जब तक है ये जीवन
होते रहेंगे ज़ख़्म
बनते रहेंगे कर्म।

मेहर कीजिए दाता
कि आपको सर्वसमर्पण कर सकूँ
भाव बख्शिये दाता
कि आपका शुक्राना करती हुई ना थकूँ
क्योंकि जो आपने ना लिया होता अपनी शरण में
जो आप साथ ना होते जन्म मरण में
तो लाचारी की सीमा ना होती
किसके चरणों में हँसती और रोती?

आपके चरणों में सुकून भी है और आराम भी
लेकिन आपके ही चरणों में हैं इम्तहान भी
आपकी यह अद्भुत लीला कल्याण की
सिर आँखों पर इस नादान की
जैसे आपका हुकुम
जो मानती रहूँ हर दम
आपके ही आशीर्वाद से
सदा श्रद्धा के जज़्बात से।

आपके दिए श्वास से है ये जीवन
आपके नाम से उपवन है ये मन
आपकी कृपा से मिटे हर भ्रम
आपको है शत शत नमन।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

करते रहिए रहम (09/02/2026)

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