ितंबर ९, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३१२५
दिन भी गया बीत…
दिन भी गया बीत
रात भी गई गुज़र
मौसम बदलते गए
चलता जा रहा है सफ़र
कब उम्र जाएगी गुज़र
और जड़ में मिलेगा ये शरीर जड़
ना जानूँ मैं, ना जानो तुम
सभी हैं प्रपंच में गुम।
हैं बीच हमारे
ऐसे कुछ विरले जन
जो अपनी कोशिश और गुरु कृपा से
गुरुजी के गण गए हैं बन
क्यों ना उनसे लेकर प्रेरणा
सम्मानित करके अपनी चेतना
चल दें उनके रास्ते
अपने मंगल के वास्ते।
बहुत सुंदर है संसार
बहुत प्यारा है घर परिवार
पर ये ना काम आयेंगे उस पार
जहाँ रूह का सफ़र रहेगा बरकरार।
आने वाले दिन रात ना जायें बेकार
सही मौसम का ना करें इंतज़ार
गुरुजी को याद करने के लिए श्रेष्ठ है हर मौसम
उनका नाम भजने के लिए उत्तम है हर वेला, हर क्षण
बल्कि हर वेले और मौसम का सदुपयोग करना है तो
दिनचर्या के साथ गुरुजी की याद में जाओ खो
अच्छा हो या बुरा, समा अच्छे से कट जाएगा
मन में जो होगा कोई संशय, तो वह भी मिट जाएगा
स्पष्टता आती रहेगी
दुविधा जाती रहेगी
गुरुजी की दया बरसाती रहेगी
हम पर रहमतें कई हज़ार
और गुरुजी की मेहर-ए-नज़र से
होता रहेगा हमारा उद्धार।
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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
दिन भी गया बीत… (09/09/2026)