ितंबर ११, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३१२७
गुरुजी की याद में…
गुरुजी की याद में
जब दिन गुज़रता है
तो कैसे कटेगा हर लम्हा
ये नहीं सोचना पड़ता है।
याद कर के उनका नूर
गम का अँधेरा हो जाता है दूर
याद कर के उनकी सरलता
उनकी प्रेरणा में हर श्वास है ढलता।
याद उनके दिए आश्वासन की
याद उनके अनुशासन की
गुरबानी में भी उनके विचार
उनकी हर याद में उनके लिए प्यार।
जब याद आता है उनका सत्संग
तो सुनहरा होने लगता है मन का रंग
उनकी याद में रहकर होता है जो चिंतन
उस से मिलता है धीरज का धन।
गुरुजी की याद में रहकर सेवा में है जो आनंद
वह मिलता है कहीं और नहीं
जब भी उनका स्वरूप आता है नज़र
तो भरोसा बढ़ता है कि सब होगा सही।
गुरुजी की याद में
उनके संग अनुभव भी होते हैं शामिल
जैसे जैसे वे याद आते हैं
गुरुजी से और भी प्यार करने लगता है दिल।
याद आता है उनका चरणोदक और लंगर प्रसाद
अनेक प्रसंगों से जुड़ कर आती है उनकी याद
रहती है संग जो गुरुजी की याद
तो महसूस होता रहता है उनका आशीर्वाद
अंतस रहता है उनके ख़यालों से आबाद
ये है उन्ही का किरपा प्रसाद।
गुरुजी की याद में उनका सानिध्य है
उनकी याद स्वयं में प्रसाद दिव्य है
उनकी याद में जीवन जो जाये गुज़र
तो अत्यंत खूबसूरत रहेगा ये सफ़र।
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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
गुरुजी की याद में… (09/11/2026)