तेरा जीना (08/18/2026)

अगस्त १८, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१०३

                           तेरा जीना 

किसी के लिए भी अनिवार्य नहीं है तेरा जीना
आज या कल तुझे सच का यह कड़वा घूँट पड़ेगा पीना
इसलिए मोह के धागों को ना बनने दे तुझे फँसाने वाला जाल
वरना फँसते फँसते हो जाएगा तेरा बुरा हाल
ना बंध कर ख़ुश रहेगा तू
ना ही छूट पायेगा
इस जनम में भी तड़पेगा
और फिर से लौट कर आयेगा।

तेरे बिन रुकेगा नहीं किसी का जीवन
अच्छा है जितनी जल्दी ये सच मान ले तेरा मन
तेरे जाने पर किसी को होगा ज़्यादा, किसी को थोड़ा गम
और वह भी समय के साथ होता जाएगा कम
फिर तू रह जाएगा दीवार पर लगी तस्वीर में
या शायद वो भी नहीं
बेशक तू इसे असत्य माने
पर तू भीतर से जानता है कि ये है सही।

ऐसे ही तेरा जीवन भी
केवल गुरु गोविंद बिन है अधूरा
बाक़ी सब दुनियावी रिश्ते नाते हैं
हर जनम में बदलते जाते हैं।

जिनके बिन तेरा जीवन सच में अधूरा है
उन गुरुजी महाराज ने तुझे अपने से जोड़ा है
वे ना छोड़ेंगे तेरा हाथ
सदा रहेंगे तेरे साथ
यहाँ भी और वहाँ भी
तू होगा जहाँ भी।

उनके संग रिश्ते को प्राथमिकता दे दे
हर पल उनकी याद में रह कर
ना यहाँ ना वहाँ है उनके दर से दयालु कोई दर
सही मायने में आज़ाद हो जा तू उनसे बंध कर।

गुरुजी महाराज के प्रेम में नहीं कोई स्वार्थ या व्यापार
ये प्रेम सदा रहेगा बेशक ना रहे सारा संसार
ये रिश्ता है पवित्र, विकार रहित, और सनातन
इसमें बंध कर सफल कर ले तू अपना जीवन।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी
धीरजा

तेरा जीना (08/18/2026)

भक्ति की बगिया (08/17/2026)

अगस्त १७, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१०२

                                भक्ति की बगिया 

जब से मैं गुरुजी से मिली
भक्ति की बगिया की हर कली खिली
बगिया में मंडराने वाली हर तितली
गुरुजी में मग्न हो हवा में डोलती चली।

कोई काँटा ना रहा संशय का
अँधेरा मिटने लगा भय का
होने लगा उम्मीद का उजाला
मन का मोर हुआ मतवाला।

वायु लायी वहाँ विश्वास
गुरुजी के दीदार की बढ़ने लगी आस
आसमाँ ने बरसायी मीठी प्यास
गुरुजी के सत्संग और सिमरन की
जिस से रूहानी लगन बढ़ी
रूह और तन मन की।

आया वह शुभ सुंदर दिन
जब गुरुजी ने स्वयं दिए दर्शन
हवायें झूमने लगीं
अप्सराएँ भी आ घूमने लगीं
बगिया के फूल लगे मुस्कुराने
गुरुजी की ख़ुशबू के हुए वे दीवाने
देवी देवताओं का भी हुआ आगमन
रोशन हुए धरती गगन
चारुल लगने लगा चमन
मैं गुरुजी को देख उस क्षण
हुई यूँ भावविभोर
कि देख ही ना पायी कहीं और।

पहले तो यकीन ही नहीं हुआ
फिर गुरुजी का स्पर्श हुआ
उन्होंने मेरे सिर पर रखा हाथ
मैं झुक गई उनके कमल चरण में
मैं भक्ति की बगिया में हूँ गुरुजी के साथ
ये जान कर अनेकों शुभ भाव आए मेरे मन में।

कर के देवी देवताओं को नमस्कार
कर के अप्सराओं का स्वागत
गुरुजी की और आकर्षित हुई मैं और मेरा प्यार
अपनी किस्मत को सराहा कि हुआ मुझे ये दीदार।

मेरी आँखों में थे आँसू
पर प्रसन्न थी मेरी रूह
अपने मालिक को देख कर
जिनके चरणों में झुका था मेरा सिर।

इतने सुंदर गुरुजी के चरण
जिनकी सेवा उन्होंने बख्शी
मेरे पास बताने के लिए अल्फ़ाज़ नहीं
कि मुझे हुई कितनी ख़ुशी।

करते करते गुरुजी का शुक्राना
मैं तो गाने लगी उनकी स्तुति में गाना
इतने प्रेम से सुना मेरे गुरुजी महाराज ने
प्यारी सी मुस्कान दी मेरे सुंदर सरताज ने।

मेरे देखते ही देखते
गुरुजी हुए अंतर्धान
सभी देवी देवता अप्सराएँ भी हुए ओझल और अदृश्य
लेकिन देखने वाला था भक्ति की बगिया का दृश्य
गुरुजी के प्रताप से उसका नूर हुआ अनोखा
गुरुजी का शुक्राना कि उन्होंने मुझे दिया ये अनुग्रहित मौक़ा।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

भक्ति की बगिया (08/17/2026)

तुम्हारा भी वे करेंगे बेड़ा पार (08/16/2026)

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१०१

                                               तुम्हारा भी वे करेंगे बेड़ा पार 

गुरुजी और गुरुजी के नाम में आसक्ति
इस से निखर जाएगी तुम्हारी भक्ति
इसी से मिलेगी तुम्हें शक्ति
इसी से कम होगी विषय भोग में प्रवृत्ति।

धैर्यपूर्वक जपो गुरुजी का नाम
नाम करेगा तुम्हारे भीतर अनुकूल परिवर्तन का काम
गुरुजी की शरण है सुख का सरोवर
सचखंड है उनका दयालु दर
शुक्र करो कि यहाँ मिल गया ठिकाना
यहाँ से कहीं और ना जाना।

गुरुजी के चरणों में तो सभी देवी देवता सीस झुकाते हैं
गुरुजी सृष्टि के सम्राट हैं जो त्रिलोक चलाते हैं
उनका दर है प्रेम का पावन पुंज
उनकी शरण में है कल्याण का कुंज।

गुरुजी अपने हर भक्त से करते हैं बेहद प्यार
अपनी लीला से करते हैं वे सभी का उद्धार
तुम्हारी भक्ति और तुम्हें भी गुरुजी देंगे निखार
उनकी याद संग जोड़ो अपने विचार और व्यवहार
सेवा, सिमरन, सत्संग का कोई मौक़ा ना जाने दो व्यर्थ
इन्ही के द्वारा गुरुजी तुम्हें समझायेंगे इस सफ़र का अर्थ
उनकी कृपा से तुम जान पाओगे आध्यात्मिकता का सार और विस्तार
अनेकों का किया है उन्होंने, तुम्हारा भी वे करेंगे बेड़ा पार।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

तुम्हारा भी वे करेंगे बेड़ा पार (08/16/2026)

कभी ना करना अपने से बेगाना (08/15/2026)

अगस्त १५, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१००

कभी ना करना अपने से बेगाना

परम पूज्य गुरुजी महाराज,

शुक्राना मुझे वो सोच और कर्म बख्शने के लिए
जिसकी बदौलत आपने मुझे अपने दर पर हाथ जोड़ने दिए
आपने ये मौक़ा जो दिया, मैं तो धन्य हुई
आपकी ममता ने मेरी रूह छुई
मुझे उस अपनेपन का हुआ एहसास
जो है और रहेगा मेरे लिए सबसे अनमोल और ख़ास
क्यूँकि समय की सीमाओं से परे है यह अपनापन
इसलिए ये है अनादि और सनातन।

दुनियावी रिश्ते बदल जाते हैं अक्सर
जैसे बदलता हुआ मौसम
अपनापन का दुनिया में तोल है ऐसे
जैसे वह हो लौकिक धन।

कुछ ऐसी ही है कलयुग की कला
तो किसे कहें बुरा और किसे भला
सूरज भी उदय होकर हर शाम को ढला
और चाँद की भी कम या ज़्यादा होती रहती है कला।

आपके दर पर, आपके चरण में
आती है विश्वास से परिपूर्ण स्थिरता मन में
वह यकीन अटूट
कि बेशक सब जाये छूट
आप ना छोड़ेंगे कभी भी हाथ
आप ना होने देंगे कभी भी अनाथ।

मिला जो आपसे यह कोमल सा अपनापन
तो खुशनसीबी से सजा रहता है मेरा जीवन
आपकी शरण का सहारा मिलता है हर क्षण
जान लिया और मान लिया कि ये है सबसे बहुमूल्य धन।

आपका शुक्रिया करते कभी ना थकूँ
आपके चरणों के तले की धूल भी बन सकूँ
तो ख़ुशी का ना होगा ठिकाना
बस, प्रभु, कभी ना करना अपने से बेगाना।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

कभी ना करना अपने से बेगाना (08/15/2026)

तू फिर से जा जाग (08/14/2026)

अगस्त १४, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०९९

                                      तू फिर से जा जाग

मुसाफिर मतवाले, तू फिर से जा जाग
पचभूतों में छोड़ दे राग
वरना मुसाफ़िर ही रहेगा
क्यूँकि मंज़िल तक नहीं पहुँचेगा।

कभी उत्तर, कभी दक्षिण
कभी पूरब, कभी पश्चिम
दिशा दुविधा में कब खो गया तू
जाग रहा था, फिर क्यों सो गया तू?

शायद खेल है ये समय का
या सामने आ गए कोई पिछले कर्म
गुरुजी से सुर्त को जोड़
नकारात्मकता से मुंह ले मोड़।

गुरुजी महाराज से कर अनुराग
मिटने लगेंगे भीतर के दाग़
हर पाप धुलता जाएगा
रास्ता खुलता जाएगा।

गुरुजी का नाम जपते जपते
कलयुगी अग्नि में तपते तपते
अपने रोम रोम को गुरुजी के दासत्व से युक्त कर ले
अपने भीतर गुरुजी के लिए ऐसा भोला भाव भर ले
कि वे हो जायें तुझ से अति प्रसन्न
देखना, फिर तृप्त होगा तेरा मन
क्यूंकि तूने रिझा लिया होगा जगत के स्वामी को
तूने ख़ुश किया होगा अगम अगोचर अंतर्यामी को
तेरी कोई और चाहत नहीं रहेगी
तेरी हर भावना और कामना गुरुजी की ओर बहेगी
मंज़िल पाकर उनके कमल चरण में
तू समा जाएगा उनकी शरण में।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

तू फिर से जा जाग (08/14/2026)

जीवन के दिन… (08/13/2026)

अगस्त १३, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०९८

                                      जीवन के दिन…

जीवन के दिन जैसे जैसे रहे हैं गुज़र
शुक्राना से दिल पहले से भी ज़्यादा रहा है भर
क्यूँकि सामना करना हर पल का, प्यारे गुरुजी
नामुमकिन था आपके सहारे बिन
चाहूँ तो भी आपकी रहमतें ना पाऊँ गिन
हर लम्हा है आपका दिया
और उस लम्हे में जो जीवन मैने जिया
वह भी है आपकी बख़्शीश से
आपके ही आशीष से।

कुछ ना हो पाये बिन आपकी रहमत के
कुछ ना हो पाये बिन आपकी दी सुमत के
आपकी मेहर की हूँ मोहताज
मेरे लिए सब कुछ हैं आप ही, मेरे सरताज
आपका निग्रह है मेरे हर श्वास पर
कभी ना भूलूँ मैं आपका दर
ये भी आपकी करुणा है कि पहुँच पाती हूँ वहाँ
वरना आज ना जाने मैं होती कहाँ।

पावन बुद्धि, भीतर और बाहर की शुद्धि
बख़्शते रहिए, गुरुजी महाराज
जो अपनाने लगूँ ग़लत रास्ता
जो छूटने लगे आपसे वास्ता
तो रोक लेना मुझे
टोक देना मुझे
भूलूँ ना आपको और आपके वचन को
आपके मार्गदर्शन पर जियूँ अपने जीवन को।

आपके सानिध्य में बीते जीवन
आपके चरणों में गुज़ारूँ हर क्षण
मानती चलूँ आपके वचन
तो सँवर जायेगा मेरा जनम मरण।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

जीवन के दिन… (08/13/2026)

आपकी होने लगी… (08/12/2026)

अगस्त १२, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०९७

                               आपकी होने लगी…

परम पूज्य गुरुवर मेरे,

आपकी होने लगी आप में खो के
शिवरूपी महसूस करने लगी आपकी प्रेम की लौ से
आपकी दया के लिए शुक्रिया
आपने अपने में खोने का मौक़ा दिया।

भीगने लगी हूँ आपकी कृपा की बरसात में
सुकून पाने लगी हूँ आपकी दी हर दात में
ना जाने सोई हूँ या जगी हूँ
आपके प्रेम के वश में होने लगी हूँ
आपकी याद से ही परिपूर्ण रहता है मेरे जीवन का हर पल
मेरे बिन बोले ही कष्ट जाते हैं टल
आप अनमोल लम्हे बख़्शते हैं रूहानी दीदार के
प्याले पिलाते हैं अपने अमृत रूपी प्यार के
जल और चाय प्रसाद के रूप में
आशीष देते हैं लंगर प्रसाद अनूप में।

आपने अपने से मुझे जोड़ा है जब से
जीवन ही बदल गया है तब से
अकल्पनीय उतार-चढ़ाव
आपको याद करते रहने का चाव
मन में आपके प्रति ऐसा भाव
जैसा ईश्वर के प्रति पहले कभी ना हुआ
पर आपकी लीला ने रूह को यूँ छुआ
कि अब आपकी याद के बिन जीना नहीं गवारा
अच्छा लगता है हर वह नज़ारा
जहाँ आपको देख पाऊँ तन मन के लोचन से
कोशिश रहती है कि कहती रहूँ हर जन से
कि ईश्वर का स्वरूप हैं मेरे गुरुजी महाराज
ब्रह्माण्डों के शहंशाह हैं मेरे गुरुवर सरताज।

हो सकता है कई लोग सोचते हों कि मैं हूँ दीवानी
सच भी है ये क्यूँकि आपकी दीवानी है ये निमाणी
इस दीवानेपन में है अनोखा सुख और संतोष
इस दीवानेपन में ही रहूँ मदहोश
कभी अपने से दूर ना करना, मेरे सरकार
चाहे में रहूँ इस पार या उस पार।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

आपकी होने लगी… (08/12/2026)

समय बड़ा अनमोल रे प्यारे (08/11/2026)

अगस्त ११, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०९६

                                               समय बड़ा अनमोल रे प्यारे 

समय बड़ा अनमोल रे प्यारे
समय सच में अनमोल बड़ा
गुरुजी से प्यार बढ़ा ले बंदे
क्यों जागते हुए सोया है खड़ा।

है तू ऊपर से जागा
पर गुरुजी के सिमरन से है भागा
इधर-उधर यहाँ-वहाँ का ध्यान
किया नहीं गुरुजी का गुणगान।

कल भी बीत गया तेरा ऐसे
आज भी रहा है गुज़र
कल भी आकर यूँ ही चला ना जाये
अभी से ही सुधार ले अपना सफ़र।

जिन्होनें दिए हैं प्राण
सौंप दे उन्हें उन्ही के कमल चरण में
ऐसा नहीं कि सिर्फ कुछ चाहिए तो
दौड़ कर आजा उनकी शरण में।

उन्ही की शरण को जान ले निवास
दुनिया में ना होगा हमेशा वास
उनकी शरण में कल्याण है यहाँ और वहाँ
बेशक चला जा तू जहाँ।

जब ऐसा है तो उनकी याद में रहना तेरा फ़र्ज़ है
भूल नही की तुझ पर जिन कर्मों का क़र्ज़ है
तू ना जाने, परंतु वे जानते हैं
तुझे पूरी तरह से वे पहचानते हैं।

हर श्वास में गुरुजी का चिंतन
गुरुजी की बातें और उन्ही के विचार
काम में और आराम में
सुख पा ले उनके नाम में।

समय तो यकीनन जाएगा गुज़र
गुरुजी की याद से सफल होगा तेरा सफ़र
केवल गुरुजी तेरे अंग संग रहेंगे हर पल, हर पहर
उनके नाम से निर्मल कर ले साँसों की बहती नहर।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

समय बड़ा अनमोल रे प्यारे (08/11/2026)

ऐ जन , गुरुजी के गुण तू गाये जा (08/10/2026)

अगस्त १०, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०९५

ऐ जन , गुरुजी के गुण तू गाये जा

ऐ जन , गुरुजी के गुण तू गाये जा
गुरुजी को प्रेम भाव से बुलाये जा
गुरुजी के करीब तू आए जा
सभी को गुरुजी की महिमा सुनाये जा।

ना भूलना गुरुजी की याद में रहना
गुरुजी की महिमा करते हुए सबसे कहना
कि गुरुजी की याद से है ज़िंदगी
कि गुरुजी की याद से है बंदगी।

गुरुजी ने तुझे अपना लिया
अपनी संगत में शामिल किया
तुझे सदा सहारा है दिया
फिर क्यों संशय में है तेरा जिया?

प्यारे जन, कर दे गुरुजी को सर्वसमर्पण
उन्ही में मग्न रख तू अपना मन
उन्हें चलाने देगा तू जो अपना जीवन
तो हार मान लेगी हर अर्चन
और लागी रहेगी जो गुरुजी में तेरी लगन
तो सुख पायेंगे तेरी रूह और तेरा तन।

गुरुजी अपने निर्णय से बढ़ायेंगे तुझे रूहानी रास्ते पर
तेरी रूह सीखेगी हर अनुभव से जीवन भर
और गुरुजी अपनी कृपा से रूह को देंगे यूँ संवार
कि उनका नूर तेरी रूह को भी देगा निखार
रूह का सफ़र होगा सुहेला
और तू कभी ना महसूस करेगा अकेला।

ऐ जन, तू है बहुत ख़ुशक़िस्मत
गुरुजी के चरणों में समर्पित कर दे मत्त और पत
महादेव का सदाशिव रूप हैं गुरुजी महाराज
शुक्र कर कि तुझे संभाल रहे हैं गुरुवर सरताज।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

ऐ जन , गुरुजी के गुण तू गाये जा (08/10/2026)

शुक्राना आपका, मेरे गुरुवर (08/09/2026)

अगस्त ९, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०९४

                                    शुक्राना आपका, मेरे गुरुवर 

शुक्राना आपका, मेरे गुरुवर
मुझे अपने से आपने जोड़ा
दुनियावी रिश्तों में मोह था जो मेरा
वह धीरे धीरे आपने तोड़ा
अब भी ये सिलसिला है जारी
आप करा रहे हैं तैयारी
अपने ही तरीके से
रूहानी सलीक़े से।

बाक़ी सब कुछ
व्यर्थ सा लगने लगा
जब से ये चित्त मेरा
आपको चेत कर जगा।

रंग मंच है ये
आई हूँ निभाने किरदार
आप ही जन्म दाता हैं
आप ही ले चलेंगे भवसागर के पार।

पहन कर सुरक्षा कवच आपके नाम का
नैनों में समाये सपना आपके धाम का
आपके चरणों में झुका कर अपना माथा
आपको सौंप दूँ अपने जीवन की गाथा
मुझे सदा अपना बनाकर रखना, मेरे मुर्शिद, मेरे दाता
आप ही मेरे प्रभु, पिता, मेरे मीत, और मेरी माता।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

शुक्राना आपका, मेरे गुरुवर (08/09/2026)