मई १२, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३००५
तू ना घबरा, बस, चलता जा
मंज़िल खूबसूरत होगी
ओ मुसाफ़िर, तू ना घबरा
राहों में बेशक पत्थर हैं
तू चलता जा, तू चलता जा।
अरे, ये पत्थर तो और भी ज़्यादा थे
और थे भी बड़े बड़े
लेकिन तेरे गुरुजी महाराज आए
और इन राहों पर हुए खड़े
इतने पत्थर तो समा गए पृथ्वी में गुरुजी की एक नज़र से
और बाक़ी पत्थर छोटे हो गए उनकी नज़र के असर से।
अब जो बचे कुचे हैं पत्थर
तेरी इन राहों में
गुरुजी तुझे पार करायेंगे
लेकर अपनी बाहों में।
तुझे बेशक उनकी बाहें दिखेंगी नहीं
लेकिन देखना, वे तुझे ले चलेंगी वहीं
जहाँ खूबसूरत मंज़िल कर रही है तेरा इंतज़ार
तेरी हर मुश्किल के पार।
गुरुजी पर क़ायम रख अपना विश्वास
तू तो सदा से रहा है बनकर उनका दास
जब जब तेरे आंसू हैं छलके
नम हो जाती हैं गुरुजी की पलकें
वे करते हैं तुझसे बेहद प्यार
इसलिए आया है ये इंतज़ार
तुझे रिहा करने तेरे प्रारब्ध के भार से
तुझे बचाने काल के वार से
तुझपर गुरुजी की कृपा विशेष है
अब थोड़ा ही रास्ता शेष है
तू ना घबरा, तू चलता जा
तू ना घबरा, बस, चलता जा।
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
तू ना घबरा, बस, चलता जा (05/12/2026)