मई १३, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३००६
वे ही राखा मेरे, वे ही रब
ना कोई कर्मकांड ना रिवाज़ ना रीत
निभानी है गुरुजी संग पावन प्यार की रीत
भोला भाव हमारा
गुरुजी को लागे प्यारा
और उनका प्यार प्यारा
है हमारा सलोना सहारा।
उनकी याद में रहना
उनके प्रेम में बहना
उन्ही को दिल की बात कहना
पहनना उनके नाम का गहना
जीना उनकी भक्ति में
रख भरोसा उनकी शक्ति में
कर के उन्हें अपना हर कर्म समर्पित
कर उनकी महिमा का गुणगान नित नित
बीत जाये ये ज़िंदगी
तो रास आएगी बंदगी
और मिल जाये उनकी बख़्शिंदगी
तो दूर हो जाये शर्मिंदगी
उनके चरणों में कर गलतियों का प्रायश्चित
हल्का कर के अपना चित्त
उनकी शरण में ही हो जीना मरना
इसके लिए जो भी हो मुझे करना
वे करायें गुरुजी महाराज मेरे
जब तक लूँ जन्म मरण के फेरे
क्यूँकि उन्हें ही सौंप दिया है सब
वे ही राखा मेरे, वे ही रब।
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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
वे ही राखा मेरे, वे ही रब (05/13/2026)