भगवान के स्वरूप की पहचान (05/18/2026)

मई १८,२०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०११

               भगवान के स्वरूप की पहचान 

जिन्होंने बख़्शा है आशीर्वाद का आसमान
जो गुरु के रूप में हैं भगवान
जिनके लिए सारी संगत है उनकी संतान
कैसे करूँ उन गुरुजी महाराज की महिमा का बखान?

रूप उनका इतना खूबसूरत
कि शब्दों में ना समाये
इतनी नूरानी उनकी सूरत
कि दर्पण भी शरमाये
तेज ऐसा गुरुजी का
कि सूरज की रोशनी फीकी पड़ जाये
और प्यार ऐसा उनका
कि उसमें माँ की ममता और पिता का स्नेह समाये।

गुरुजी की महिमा की वड़ियायी
पार करती है आसमाँ की ऊँचायी को
गुरुजी के वचनों की गंभीरता
पार करती है महासागर की गहराई को।

लीला गुरुजी की अपरंपार
वेदों का हैं वे सार और विस्तार
विनम्रता और ऐश्वर्य की मूरत हैं गुरुजी महाराज
करते हैं वे सारी सृष्टि पर राज।

क़ाबिल हो शायद कोई विरला इंसान
पूरी तरह से जान पाने के लिए कि गुरुजी हैं कितने महान
कोशिश करते करते लगा सकते हैं भक्त थोड़ा अनुमान
कि गुरुजी है स्वयं भगवान के स्वरूप की पहचान।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

भगवान के स्वरूप की पहचान (05/18/2026)

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