मई १७,२०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३०१०
गुरुजी के आशीर्वाद से परिपूर्ण
आजकल मुश्किल है रहना केंद्रित
और इधर उधर भटकना है आसान
मनोवृत्ति अक्सर हो जाती है भ्रमित
प्रभु को चेतना भूल जाता है चित्त।
जो भी चल रहा हो जीवन में
जो भी ख़याल आ रहे हों मन में
लिव जोड़े रखो गुरुजी महाराज के संग
इस रूहानी तार का है अनोखा रंग
जो अपने नूर को यूँ फैला देता है भीतर
कि गुरुजी की याद में होता है जीवन बसर
हर पल, हर घड़ी, हर पहर
ऐसी है गुरुजी महाराज की मेहर।
ये रिश्ता सच में है अनोखा
देता है आत्मा-निरीक्षण का मौक़ा
जो स्वयं-सुधार के लिए है बहुत ज़रूरी
वरना बढ़ जाती है अपने ही आत्मा-स्वरूप से दूरी।
गुरुजी की याद से खूबसूरत कोई याद नहीं
इस बात में सत्य है सम्पूर्ण
गुरुजी की याद बसी हो जिस शख़्स के दिल में
उसका जीवन है गुरुजी के आशीर्वाद से परिपूर्ण।
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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
गुरुजी के आशीर्वाद से परिपूर्ण (05/17/2026)