वे कल भी थे यहाँ और वहाँ (06/12/2026)

जून १२, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०३६

                 वे कल भी थे यहाँ और वहाँ 

वे कल भी थे यहाँ और वहाँ
आज भी हैं वे हर स्थान में विराजमान
वे हैं सदा से सर्वशक्तिमान
वे हैं गुरुजी सदाशिव महान।

गुरुजी ज्योत हैं दिव्य प्रकाश की
शक्ति सर्वश्रेष्ठ शुभ सकाश की
ना चाहिए कोई प्रमाण
कि वे स्वयं हैं भगवान।

गुरुजी हैं वह ख़ास एहसास
जो सदा हैं हर भक्त के पास
जिनमें जितना रम जाये भक्त का श्वास
उतना निश्चिंत रहे वह दास।

गुरुजी हैं वह प्रेरणा
हैं वे वह उत्तेजना
जो जागृत करे चेतना
जो निखार दे संवेदना।

गुरुजी हैं वह आरज़ू
जिनके लिए तरसे है रूह
हर साधक और हर उपासक की
तय करने यात्रा उन तक की।

गुरुजी हैं सृष्टि का आधार
महापुरुष प्रधान परवरदिगार
गुरुजी हैं अनुग्रह भरा प्यार
गुरुजी तो हैं मेरा संसार।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

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