जून १९, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३०४३
हर अंधेरे का हरण
हर दिन बीत जाता है
रात भी जाती है गुज़र
मुश्किल से या आसानी से
सब रूप हैं ज़िंदगानी के।
किसी किसी को दिन में भी नहीं महसूस होता उजाला
तो रात के अंधेरे में भी देख लेता है रोशनी कोई मतवाला
मनोभाव और नजरिये की बात है
किसी के लिए जीवन दिन, किसी के लिए रात है।
उत्साह का सूरज हो या उम्मीद की किरण
उस से जीने में हो जाती है काफ़ी आसानी
नीरसता और व्याकुलता से मिलती है राहत
बेशक पूरी हो या ना हो चाहत।
गुरुजी की शरण
दिखाती है उम्मीद की किरण
और सूरज उत्साह का
दूर करता है अंधेरा राह का।
गुरुजी में भक्तिभाव
सुधार देता है मनोभाव को
सँवार देता है नज़रिये को
बदल देता है रवैये को
गुरुजी की रहमत से
उनकी बख़्शी मत से।
फिर तो हर लम्हा है सवेरा
रोशनी है हर पल
क्योंकि गुरुजी तो रात को भी
दिन में सकते हैं बदल।
आते जाते रहेंगे प्राकृतिक रात दिन
दोनों में शांति संतोष नहीं गुरु कृपा बिन
क्यूँकि पाकर गुरुजी की शरण
हो जाता है हर अंधेरे का हरण।
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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
हर अंधेरे का हरण (06/19/2026)