रखते चलो तुम श्रद्धा और सबूरी (06/20/2026)

जून २०, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०४४

           रखते चलो तुम श्रद्धा और सबूरी 

गुरुजी में रखी है जो आस्था
तो उन्हें बनाने दो रास्ता
उन्हें शुक्राना कर तुम उस रास्ते पर चल पड़ना
पत्थर भी आए रास्ते में तो शोक मत करना
क्योंकि क्या मालूम वह था इक पहाड़
गुरुजी ने उसे पत्थर बनाकर दिया हो तुम्हें तार?

चलते जाना शुक्राना के भाव में
कभी ना आने देना कमी लगन लगने के चाव में
गुरुजी परखते हैं नीयत
इसलिए ज़रूरी है तुम्हारी श्रद्धा और मेहनत
पर असल रंग लाएगी गुरुजी की रहमत
तुम इस सत्य से रहो सहमत
और विश्वास की वेल थामे रहो
गुरुजी के प्रति यूँ प्रेम में बहो
कि गुरुजी ही गुरुजी महसूस हों तुम्हें तुम्हारे बाहर और भीतर
उनकी याद में फ़र्ज़ निभाते हुए समय जाएगा गुज़र
देखते देखते रास्ता जाएगा कट
मंज़िल को पाओगे निकट
रुकना नहीं, आगे बढ़ते जाना
कठिन भी लगे तो चढ़ायी चढ़ते जाना
गुरुजी की दया से तुम तय कर पाओगे दूरी
बस, रखते चलो तुम श्रद्धा और सबूरी।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

रखते चलो तुम श्रद्धा और सबूरी (06/20/2026)

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