जून २७, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३०५१
मेरे खुदा
परम पूज्य गुरुजी महाराज मेरे
आपका शुक्र करूँ हर सवेरे
बख्शने के लिए ये साँसें और ये ज़िंदगी
बख़्शने के लिए अपनी शरण और बंदगी
बरस रही है आपकी मेहरबानी
बदल सी गई है ज़िंदगानी।
भाता है मुझे वही रास्ता
जहाँ रहे आपसे वास्ता
कोई और रास्ता रास ना आए
बेशक वो जहाँ भी जाये।
आपकी बातें सुनने और करने का करता है मन
कोशिश रहती है आपसे जुड़े रहने की हर क्षण
ना जाने मैं आपसे कह रही हूँ क्यों ये सब
जब कि जानती हूँ कि आप सब जानते हैं, मेरे रब
पर क्या करूँ, आपसे ही कहना चाहूँ, मेरे दिल में है आता जो भी ख़याल
आपसे ही साँझा करना चाहूँ, मेरे दिल में हो जो भी उलझन या सवाल।
मैं हूँ इतनी खुशनसीब
कि आपने आने दिया मुझे अपने करीब
दाता मेरे, आपकी कृपा के अमृत से धुल जायें मेरे पाप
आपकी दया की दवा से मिट जायें मेरे दुख संताप
मेरे नाथ भी आप, वैद्यनाथ हैं आप
मेरे भीतर भी आप, मेरे साथ हैं आप
आप देते हैं मुझे इसका एहसास
आपका शुक्रिया करे ये दास।
आपकी करुणा बिन
जीना नहीं मुमकिन
आपसे ये कहता है मेरा हर श्वास
आपसे ये कहता है मेरा विश्वास।
आपकी कृपा की किरणों से रहे मेरा जीवन नूरानी
मेरे घर परिवार की रक्षा करते हैं आप, आपकी मेहरबानी
सरताज मेरे, मुझसे हो जाये जो भी गुस्ताखी या नादानी
बख्श दीजियेगा मुझे, जान कर मुझे अपनी एक संगत निमानी।
जब यहाँ से हो जाऊँ विदा
तब भी ना कीजियेगा मुझे अपने से जुदा
अपनी करुणा के महासागर की बूँदें बरसाकर मुझ नाचीज़ पर
मुझे अपने में संजो लेना, मेरे खुदा।
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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
मेरे खुदा (06/27/2026)