जून २८, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३०५२
गुरुजी का बुलावा आता है जब
गुरुजी का बुलावा आता है जब
गुरुजी ही बनाते है रास्ता तब
उनका पहरा होता है हर कदम पर
वे ही तय कराते हैं सफ़र
और भक्त पहुँच पाता है उनके दर
सब है उनकी मेहर।
गुरुजी जानें भक्त का पिछला भी और आगे का
वे जानें रंग भक्ति के धागे का
जो भक्त की श्रद्धा पर होता है निर्भर
जिसकी गुरुजी को होती है ख़बर।
ये रिश्ता है पावन प्यार का
ना कि किसी व्यापार का
गुरुजी जानें किसका प्यार है कितना पवित्र
गुरुजी जानें हर भक्त का चरित्र।
लग जाते हैं कई जनम
पहुँचने गुरुजी के दर तक
वरना रूह का सफ़र तो चलता है अकथ
इतनी रूहें तो जाती हैं थक
जनम मरण से गुज़रते गुज़रते
ना जाने कितने शरीरों में रह कर
कर्मों की लहरों में बह कर
परमात्मा से कह कर
कि तमन्ना है उनमें समाने की
इच्छा है उन्हें पाने की।
इसलिए ये मौक़ा जो है मिला
कि गुरुजी की कृपा से नसीब है खिला
मिली है जो उनकी शरण
तो क्यों ना सुधार लें ये जनम
बहुत अच्छे नसीब वाले हैं
कि गुरुजी ने बुलाया है अपने दर पर
उनकी कृपा से सफल हो सबका सफ़र।
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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
गुरुजी का बुलावा आता है जब (06/28/2026)