जुलाई २, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३०५६
शुक्राना उनकी मेहर-ए-नज़र का
गुरुजी की शक्ति का
कोई नहीं लगा सकता अनुमान
उनकी शक्ति बेअंत है
वे हैं भगवानों के भी भगवान।
कोई नहीं दे सकता भक्त को उतना प्यार
जितना देते हैं गुरुजी परवरदिगार
उनका प्यार है असीम, निस्वार्थ, अनोखा
इस प्यार में कभी ना हो कोई धोखा।
कोई ना है वैद गुरुजी महाराज के जैसा
उनकी दी दवा है मर्ज़ का सर्वोत्तम इलाज
कोई नहीं बन सकता सहारा गुरुजी के जैसा
वे सदा रखते हैं अपने भक्तों की लाज।
कोई नहीं है गुरुजी के जैसा मित्र
उनके संग मित्रता है अत्यंत पवित्र
शिक्षक ना कोई होगा कभी गुरुजी से उत्तम
जो अपने शिष्य को सिखायें कैसे जीना है ये जीवन।
मार्गदर्शक गुरुजी के जैसा कोई नहीं
वे अपने शागिर्द को मार्ग दिखाएँ सही
कोई नहीं गुरुजी जैसा संचालक
कोई नहीं उनके जैसा प्रतिपालक।
कोई नहीं है गुरुजी महाराज जैसा जीवनदाता
यम देव भी गुरुजी के समक्ष जीत नहीं पाता
कोई नहीं गुरुजी के जैसा दानी
तभी तो संवर गई है उनकी संगत की जिंदगानी।
शुक्राना, शुक्राना, शुक्राना गुरुवर का
शुक्राना गुरुजी के दिव्य दर का
शुक्राना उनके दिए हर वर का
शुक्राना उनकी मेहर-ए-नज़र का।
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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
शुक्राना उनकी मेहर-ए-नज़र का (07/02/2026)