जुलाई १८, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३०७२
कोई औक़ात नहीं इंसान की
भगवान के सामने कोई औक़ात नहीं इंसान की
लेकिन जो हम संगत हैं गुरुजी करुणानिधान की
उन्हें मिलता है गुरुजी महाराज से जो लाड और प्यार
उसके योग्य भी नहीं, तो भी मिलता है वो बेशुमार।
ये गुरुजी महाराज की रहमत है
है ये उन्ही की वड़ियायी
हर पल कितनी संगत को बख़्शते हैं वे
अपनी नदर और अपनी गुरूयायी।
है वो गुरुजी का प्यार
जो करता है संगत का बेड़ा पार
है वो गुरुजी की ममता
जो देती है हर भक्त को क्षमता
सदाशीलता की राह पर चलते रहने की
गुरुजी के प्रेम में बहने की।
है वो गुरुजी की दी सुमत और चेतना
जो भक्त को देती है आगे बढ़ने की प्रेरणा
है वो गुरुजी की निर्मल नदर
है वो उनकी मेहर-ए-नज़र
जो सोए भाग्य जगाती है
जो प्रारब्ध को कटवाती है।
ये सोचना है बहुत बड़ी नादानी
कि हम चला रहे हैं अपनी ज़िंदगानी
क्यूँकि अपनी स्वतंत्र इच्छा के अलावा
कुछ और नहीं वश में हमारे
ये तो हमारे गुरुजी का प्रताप है
जिस से हैं हमारे वारे न्यारे।
इक श्वास पर भी चलता नहीं है हमारा ज़ोर
इक पल ज़िंदा, तो क्या मालूम अगले पल टूटे साँसों की डोर
और गुरुजी महाराज फ़रमाते हैं हमारी छोटी से छोटी बात पर भी ग़ौर
फिर क्यों जाना ऐसे गुरु को छोड़ कर कहीं भी और?
गुरुजी गुरु भी हैं भगवान भी
न्यायाधीश भी और करुणानिधान भी
उनके कमल चरण में निश्चित है
सुरक्षा भी, और सम्पूर्ण कल्याण भी।
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
कोई औक़ात नहीं इंसान की (07/18/2026)