जो मैं किया सो मैं पाया (07/31/2026)

जुलाई ३१, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३०८५

                                      जो मैं किया सो मैं पाया 

जो मैं किया सो मैं पाया
ऐसे ही पिछला कर्म प्रारब्ध बन कर आया
प्रारब्ध से कोई नहीं बच पाया
पीछा ना छोड़े इसका साया।

प्रारब्ध को भोगना है मजबूरी
इसका कटना है ज़रूरी
इसी से कम होता है कर्मों का भार
कर्मों का संचय कम हो जाता है
नियम है ये निरंकार का
उपाय है ये उद्धार का।

कल्याण के द्वार का
रास्ता है यही
खुशनसीब हैं वे
जिन्हें पूरण गुरु की शरण है मिली।

गुरुजी महाराज के चरणों में
है शुक्राना ही शुक्राना
उन्होंने जो अपनाया है
बना लिया अपना दीवाना
उनके चरणों में है हित
वहीं पर हर कर्म हो अर्पित
उन्हें के चरणों से जुड़ा रहे मन
उन्ही के चरणों में बीते जीवन
प्रारब्ध भी वे ही कटवायें
अपनी कृपा से तारते जायें
अपने आँचल में दें पनाह
अपने में ही लें समा
जब यहाँ से विदायी की बेला आए
जीवन का अंतिम वेला आए।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

जो मैं किया सो मैं पाया (07/31/2026)

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