अगस्त ६, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३०९१
कल ना गया तो आज चला जा
कल ना गया तो आज चला जा
बंदे, तू अपने भीतर
कल ना जाना तूने , तो आज जान ले
क्या है तेरे अंदर।
बाहर देखता रहा है तू
अपनी स्थूल आँखों से
मन की आँखों से भीतर देख ले तू अब
वहीं मिलेंगे तुझको रब।
अपने भीतर झाँक कर ही
अपनी मैल आएगी नज़र
हैरान हो जाएगा कि कैसे
इस गंदगी को रखता चला भीतर
और गुज़ारता रहा ये सफ़र…
यकीनन इस मैल का हुआ असर
तेरी सोच पर, और तेरे करम पर
सारे के सारे जीवन पर
रूह पर भी और तन पर
चित्त पर भी और मन पर।
भीतर खोजते खोजते
मैल की मिट्टी खोदते खोदते
सफ़ाई होती जाएगी
खामियों की ढेरी नज़र आएगी
जिसे गुरुजी का सिमरन
करता जाएगा कम
और फिर बनती जाएगी भीतर
ऐसी जगह, साफ़ और सुंदर
जहाँ होंगे विराजमान
गुरुजी महाराज जहाँपनाह
उनका दिव्य नूर निराला
भीतर करेगा उजाला ही उजाला
तुझे भी वे आयेंगे नज़र
तेरे ही भीतर।
शुरू हो चुका है सफ़र
अब तू रुकना नहीं
आ जायें रास्ते में विकर्षण
तो तू उनके समक्ष झुकना नहीं
गुरुजी तो करते हैं सब पर महर
तू भी कोशिश करता चल हर पहर।
जब पहली बार आयेगा वो वेला
कि तेरा उनसे मिलन होगा सुहेला
फिर यूँ हो जाएगी तेरी दशा
कि तुझे हो जाएगा भीतर झाँकने का नशा
और होता रहेगा निरंतर तेरा पवित्रीकरण
अद्भुत चेतना में बीतेगा फिर जीवन
और गुरुजी सदा महसूस होंगे तुझे अंग संग
ऐसा हो जाएगा तेरे जीवन का ढंग।
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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
कल ना गया तो आज चला जा (08/06/2026)