अगस्त ५, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३०९०
अमृत के कुंड में स्थान
मिला है अमृत के कुंड में स्थान
गुरुजी महाराज के कमल चरण में
आनंद के समुंदर में कर रहे हो स्नान
गुरुजी महाराज की पावन शरण में
ज़रूरत नहीं यहाँ से जाने की और कहीं
यहाँ जैसा सुख कहीं और नहीं।
गुरुजी के चरणारविंदों का पाकर सहारा
तुम हो गए हो निहाल
भक्त ने गुरुजी को पुकारा हो या ना हो पुकारा
गुरुजी बनते हैं उसके लिए सुरक्षा की ढाल।
गुरुजी जिसे लेते हैं स्वीकार
निश्चित है उसका उद्धार
किसी का जल्दी, किसी का थोड़ी देर से
क्यूँकि हम सब ग्रस्त हैं कर्मों के हेर फेर से।
गुरुजी महाराज के चरणोदक का कुंड है कोमल
यह कोमल कुंड है अति-निर्मल
यह शुद्ध कुंड है अति-शीतल
यह भक्तों की हर पीड़ा का है हल।
इस औषधि रूप अमृत में आशीर्वाद है सनातन
इसके द्वारा गुरुजी संवारते हैं संगत का जनम मरण
इस कुंड में भीगते हुए बीत जाये जिसका जीवन
रूह के संग उसका तो यकीनन तर जाये तन और मन।
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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
अमृत के कुंड में स्थान (08/05/2026)