अगस्त १९, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३१०४
युग परिवर्तन की आवाज़
ऊँची होती जा रही है युग परिवर्तन की आवाज़
और इसी में बसा है नए युग के आगमन का राज़
बढ़ाना है जो कल्याण की कामना को
तो बढ़ाना होगा भक्ति की भावना को।
सतयुग में ध्यान, यज्ञ त्रेतायुग में
द्वापर में विधि पूजन अनुष्ठान के अनुसार
कलयुग में प्रभु का नाम है आधार
जो ले चलेगा भवसागर के पार।
जान लिया जो प्रभु के नाम का महत्व
और मान लिया जो गुरुजी का प्रभुत्व
तो बस फिर उनका नाम लेते चलें
उन्ही को चेते चलें
गुरुजी का नाम, गुरुजी के मंत्र का जाप
इनसे धुलते रहेंगे पाप।
फिर युग परिवर्तन की आवाज़ का शोर
ना करेगा पहले जितना व्याकुल और परेशान
गुरुजी की याद में जितना रहेंगे
उतने करीब महसूस होंगे गुरुवर महान।
और परब्रह्म हैं गुरुजी स्वयं
जिनके समक्ष सिर झुकाते हैं हम
धन्य हैं हम कि हैं उनकी सौम्य शरण में
उनकी दया से सदा रहें उनके कमल चरण में।
युग तो आते जाते रहेंगे
समय की सरिता में सब प्राणी बहेंगे
कोई जाएगा डूब, कोई तैर पायेगा
किसी को भक्ति मिलेगी
किसी को भक्ति के संग मुक्ति
कोई जीते जी भी ना तरेगा
तो कोई मर कर भी तर जाएगा
कोई कालचक्र से ना बचा है ना बच पायेगा।
बहुत ज़रूरी है कि मन शांत और स्थिर रहे
ताकि युग परिवर्तन की आवाज़ जो कहे
हम पायें उसे सुन और समझ
और मन ना जाये उलझ
बल्कि मन का बल बढ़ता जाये इस दौरान
ताकि गुरु कृपा से जो भी हो परिणाम
हम उसे कर पायें नीवेंपन से स्वीकार
और गुरुजी की दया से होता रहे हमारा उद्धार।
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
युग परिवर्तन की आवाज़ (08/19/2026)