अगस्त २७, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३११२
महक सबसे खुशबूदार गुलाब की…
महक सबसे खुशबूदार गुलाब की
रोशनी आसमान के आफताब की
लागे फीकी गुरुजी महाराज के सामने
ऐसी लीला है उनके प्रताप की
जिनकी रूहानी खुशबू
तार देती है भक्तों की रूह
जिनका दिव्य नूर
करता है हर अँधेरा दूर।
सबकी रूहों के मालिक हैं
परम पूज्य परमात्मा स्वयं
ऐसी है मेरे स्वामी की मुस्कुराहट
कि शरमाये सृष्टि की हर मुस्कान
और झुक जाये गुरुजी के कमल चरण में
जगह पाने उनकी शरण में।
भूलोक से लेकर परमधाम
जपते हैं गुरुजी का नाम
उनके चरणों में है हर तीरथ धाम
होता है यहाँ सदा कल्याण।
प्रेम है गुरुजी का पावन इतना
कोई इंसान ना कर पाये उतना
शुभचिंतक हैं सारी संगत के
चित्रकार हैं भक्तों की रूहानी रंगत के
इस रंग का करें सम्मान
हमें मिली है अमृत की ख़ान
किस्मत वालों को मिलता है इसका पान
क्यूँकि इसके दाता हैं स्वयं भगवान।
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
महक सबसे खुशबूदार गुलाब की… (08/27/2026)