अगस्त २९, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३११४
ज़िन्दगी और मौत के बीच का फ़ासला
ज़िंदगी और मौत के बीच का फ़ासला
एक पल से भी छोटा है, ये तथ्य है
दरअसल ज़िंदगी और मौत खड़े हैं साथ साथ
इसमें भी पूर्ण सत्य है
लेकिन हम इंसान
निमाने और नादान
ये जानते हुए भी
इस बात से स्वयं को कर लेते हैं अनजान
भूल जाते हैं अपनी ज़िंदगी जीते हुए
कि हम यहाँ हैं सिर्फ़ इस पल के मेहमान।
ये जो स्वयं को कराते रहें याद
तो शायद सुधरने की बढ़ेगी इच्छा
और जो सुधरने का प्रयास करेंगे
तो होगा हमारे लिए ही अच्छा।
गुरुजी महाराज के मार्गदर्शन पर जो चलें
तो सुधार के सफ़र की बाधाएँ टलें
ये बिल्कुल मुमकिन और स्वाभाविक है
क्यूँकि गुरु सदा से संगत का शुभचिंतक है।
और तो और, गुरुजी के सानिध्य में
भय और संशय मिट जाते हैं
और जब भी कोई दुविधा हो
भक्त गुरुजी को अंग संग पाते हैं।
गुरुजी कभी नहीं छोड़ते भक्तों का साथ
हम भूल जाते हैं, ये है अलग बात
मौत का सामना करने की भी शक्ति
गुरुजी की कृपा से है मिलती।
और तैयारी आगे के सफ़र की
ये भी मोहताज है गुरु कृपा के असर की
गुरुजी को भक्त का सदैव रहता है ख़याल
उनके पास सभी जवाब हैं, हमारे पास सिर्फ़ सवाल।
ऐसे सर्वव्यापी सर्वज्ञानी गुरुजी का साथ जो मिल जाता है
तो कल्याण का द्वार खुल जाता है
कल्याण के उस द्वार का करना होगा पूर्ण सत्कार
अनगिनत जन करते हैं इस द्वार तक पहुँचने का इंतज़ार।
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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
ज़िन्दगी और मौत के बीच का फ़ासला (08/29/2026)