अगस्त ३०, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३११५
जीते जी बेड़ा पार
ये जो है संसार
ईश्वर हैं इसका आधार
चराचर संसार ईश्वर में हुआ प्रकट
उन्ही में है और रहेगा इसका वास
और उन्ही में हो जाएगा इसका लय
इसमें नहीं कोई संशय।
गुरुजी महाराज हैं ईश्वर का रूप स्वयं
उनके समक्ष सिर झुकाते हैं स्वयं यम
उन्ही की याद में गुज़र जाये जीवन
ऐसे जी लें कि गुरुजी हों हम से प्रसन्न।
गुरुजी तो कहते हैं “बंदा बन”
और उसके लिए साफ़ करना होगा मन
जीवन में लाना होगा अनुशासन
गुरुजी को सर्वस्व मानकर जीना होगा जीवन।
ना धन, ना शास्त्रों का ज्ञान
ना कर्मकांड आयें काम
अगर गुरुजी के लिए प्रेम भाव नहीं
अगर उनमें बसे ईश्वर की भक्ति का चाव नहीं।
हम हैं तुच्छ
गुरुजी हैं सब कुछ
इस हकीकत को कर लें स्वीकार
तो दूर नहीं उद्धार
क्यूँकि गुरुजी के दिखाये रास्ते पर चलना हो जाएगा पहले से आसान
और अपनी मदद करेंगे तो हमारी मदद क्यों नहीं करेंगे भगवान?
गुरुजी तो आए ही करने कल्याण
वे तो हैं ही करुणानिधान
जितनी जल्दी हम उनकी हर आज्ञा जायेंगे मान
हमारे जीवन की कहानी भरेगी ऐसी उड़ान
कि सौंप कर गुरुजी को सारा भार
जीते जी होने लगेगा बेड़ा पार।
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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
जीते जी बेड़ा पार (08/30/2026)