प्रार्थना (09/04/2026)

ितंबर ४, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१२०

                                                     प्रार्थना

अपने दिल की बात गुरुजी को सुनाओ
गुरुजी के समक्ष उनके गुण तुम गाओ
गुरुजी ने थामा तुम्हें और आगे भी है थामना
तुम करते रहो उनसे प्रार्थना।

प्रार्थना है वह छाता
जो सुरक्षित रखे भक्त और गुरु का नाता
प्रार्थना है वह आवरण
जिसमें शांत रहे मन
बेशक बाहर कुछ भी हो रहा हो
आवरण ना हो तो मन तो जाये खो।

प्रार्थना है वह सागर
जिसकी लहरें करती हैं गुरुजी से बात
प्रार्थना से ही शुरू हो हर दिन
प्रार्थना से ही खत्म हो हर रात
और बीच बीच में भी प्रार्थना
साथ में शुक्राना की भावना
हर पल, हर घड़ी
बेशक सामने मुश्किल भी हो खड़ी।

प्रार्थना है वह रास्ता
जिससे क़ायम रहे गुरुजी से वास्ता
प्रार्थना से तन, मन, आत्मा हों प्रभावित
प्रार्थना से गुरुजी को चेते जिसका चित्त
उसे मिले सहनशीलता और शक्ति
जो है माड़े समय को झेलने की युक्ति।

प्रार्थना में जो हो निर्मल नींवां भाव
प्रार्थना में जो हो चाव और लगाव
तो गुरुजी संग जुड़ा रहे भक्त
चाहे हो उसका अच्छा या बुरा वक़्त
शुक्राना और अरदास
करें प्रार्थना में वास
साथ में जो हो गुरुजी को पाने की आस
तो प्रार्थना हो जाये और भी खास।

गुरुजी सुनते हैं प्रार्थना
वे जानते हैं भक्तों की भावना
वे जानते हैं भक्तों की कामना
करते रहना तुम उनसे प्रार्थना।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

प्रार्थना (09/04/2026)

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