ितंबर १२, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३१२८
मिले हैं लम्हे प्यार के
मिले हैं लम्हे प्यार के
गुरुजी के दीदार के
गुरुजी के दिव्य दुलार के
उनकी कृपा अपार के।
गुरुजी की छवि को निहारो
उनकी वड्डीयायी को सराहो
प्रेमा भक्ति से उन्हें रिझाओ
उनमें खो कर ख़ुद को पाओ
क्यूँकि तुम हो उन्ही का हिस्सा
उन्ही से शुरू, उन्ही पर ख़त्म है तुम्हारा क़िस्सा।
वे केवल गुरु नहीं है तुम्हारे
वे हैं तुम्हारे अखंड सहारे
तुम्हें बुलाकर अपने द्वारे
उन्होंने तुम्हारे काज हैं संवारे।
पिछले भी, और आज के भी
तुम तर रहे हो यूँ ही तो नहीं
उनकी रहमतें हैं कई हज़ार
तुम उनका शुक्राना करो बारम्बार।
गुरुजी जानते हैं ये समय है बहुत कठिन
और ये कि यह चला है अनगिनत दिन
वे ही जानें इस मुश्किल का अंत होगा कब
तुम्हें और भी धीरज रखना होगा अब।
इसलिए गुरुजी के सानिध्य में बैठना है अनिवार्य
ताकि उनके दिए सब्र और सुमत से सजा लो तुम्हारा हर कार्य
कड़वा ज़रूर है विष इतने कठिन इम्तहान का
लेकिन इसके पश्चात होगा जो अमृत परिणाम का
वह होगा मीठा और शीतल
और उस से धुल जाएगा हर मल।
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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
मिले हैं लम्हे प्यार के (09/12/2026)