ितंबर १५, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३१३१
जनम जनम की बिगड़ी रही है बन
जनम जनम की बिगड़ी रही है बन
फिर क्यों परेशान है तेरा मन?
गुरुजी ने बुलाया है तुझे अपनी शरण
कर रहे हैं वे तेरे कष्टों का हरण।
करना मुश्किल है और कहना है बहुत आसान
कि धीरज रख और ना हो परेशान
कि ख़त्म होगा ये इम्तहान
पर यकीन रखता चल कि गुरुजी करेंगे समाधान।
अगर चल रही है कब से या अगर समस्या बड़ी है
तो भी गुरुजी की रखवाली साथ खड़ी है
वरना इससे भी ज़्यादा बुरा होता तेरा हाल
इस प्रसंग में तेरे मन में नहीं संशय या सवाल
ये तेरा उनपर विश्वास कह रहा है
और जो तू ये सब सह रहा है
बाक़ी सब फ़र्ज़ निभाते हुए
गुरुजी ही दे रहे हैं ये हिम्मत भी
वे ही बख़्श रहे हैं ताक़त भी।
तू है गुरुजी के अधीन
वो भी हैं तेरे पराधीन
बढ़ाता चल शुक्राना का भाव
बढ़ाता चल सकारात्मकता का स्वभाव
जीवन अवश्य होगा सार्थक
गुरुजी हैं तेरे जीवन के संचालक
बंदगी के धागे नहीं होते कमज़ोर
गुरुजी चला रहे हैं तुझे मंज़िल की ओर।
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जय गुरूजी 🙏🙏
धीरजा
जनम जनम की बिगड़ी रही है बन (09/15/2026)