ितंबर १६, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३१३२
शरणागत का भार
गुरुजी लेते हैं शरणागत का भार
इसलिए बेपरवाह हो जाओ
खुद को और अपने जीवन को उन्हें सौंप कर
गुरुजी में तुम खो जाओ
राज़ी हैं वे जैसे तुम्हें रख कर
तुम रहना सीखो उसी हाल में
तुम्हारा कल्याण निश्चित है
गुरुजी की संभाल में।
लीला विचित्र है उनकी
पकड़ लो डोर उनके नाम के धुन की
उन्ही की है मायाशक्ति
उन्ही की है कृपाशक्ति
बेशक जो दुर्गति हो या सद्गति
उन्हें करने दो निर्णय
तुम बस उनकी शरण में रहकर
करते चलो अपना कर्तव्य।
क्यूँकि तुम्हारे बस में है बस स्वतंत्र इच्छा तुम्हारी
और कुछ भी नहीं
उनके चरणों में समर्पण करने में करो ईमानदारी
वे अपने अनुसार करेंगे सही
और उनका हर फैसला और हुकुम
संवारता चलेगा तुम्हारा जीवन।
गुरुजी की मेहर-ए-नज़र से
तुम में और तुम्हारे जीवन में बदलाव आयेगा
होगा ऐसा परिवर्तन
कि तुम भीतर और बाहर से निखर जाओगे
तुम्हारे निखार पर होगा गुरुजी की कृपा का असर
हर परिस्थिति में अनुग्रहित रहेगा तुम्हारा सफ़र।
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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा