शांति की तलाश में… (10/06/2026)

अक्तूबर ६, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१५२

                             शांति की तलाश में…

शांति की तलाश में
आनंद की तलाश में
ज़मीन पर और आकाश में
इक व्यक्ति करता रहा भ्रमण
लेकर अशांत मन
और बीतता रहा उसका जीवन।

तलाश रखते हुए जारी
भाग्य खिला कि आई उसकी बारी
गुरुजी की नज़र पड़ गई उसपर
बुला लिया उन्होंने उसे अपने दर।

अब तक जो व्यक्ति था बाहरी उपाय पर निर्भर
गुरुजी महाराज ने अपना हाथ रख दिया उसके सिर पर
उसे लगा कि नए सिरे से शुरू हुआ उसका सफ़र
गुरुजी की रहमत होने लगी उसपर।

स्पष्टता आने लगी उसके भीतर
उसे रास्ता आने लगा नज़र
गुरुजी की कृपा का हुआ ऐसा असर
कि वह उनका नाम ले चल पड़ा उस रास्ते पर।

गुरुजी ने थामा हुआ था उसका हाथ पूरे रास्ते
वे रास्ते के काँटे भी कम कर रहे थे उसके वास्ते
आए उसके रास्ते में कई पत्थर
उसका प्रारब्ध कटता गया जिनके द्वारा
हिम्मत ना हारी अब की बार उसने
उसे मिल गया था गुरुजी का जो सहारा।

गुरुजी के सिमरन में
उसे मिलते गए जवाब अपने सवालों के
वे उलझनें भी सुलझने लगीं
जो उसे उलझा रही थीं इतने सालों से।

सिमरन और सेवा का उसका चाव बढ़ता गया
गुरुजी ने सत्संगों में उसे बुलाया
गुरुजी की महिमा का गुणगान सुनते और सुनाते
उसे वह आनंद आया
जो ना आया था पहले कभी
और उसकी मुस्कान जो थी दबी
वो अब लौट कर आई उसके लबों पर
और शांति ने उसके भीतर कर लिया घर।

चलती रही उस व्यक्ति की ज़िंदगी
करते हुए गुरुजी की बन्दगी
छूट चुका था उसका भटकना दर दर
और गुरुजी की कृपा से वह गया तर।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

शांति की तलाश में… (10/06/2026)

Leave a comment