तू धीर है… (10/12/2026)

अक्तूबर १२, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१५८

                             तू धीर है…

तू धीर है
तू वीर है
तू फ़क़ीर है
पर अमीर है।

तूने पाया है
सृष्टि में साथ सबसे अनमोल
जब गुरुजी ने तुझे स्वीकारा
उन्होंने तेरे लिए अपना द्वार दिया खोल।

ये कोई मामूली बात नहीं है प्यारे
खिल गए हैं तेरी क़िस्मत के सितारे
ये द्वार है सचखंड का
आनंद, निर्मल और अखंड का
प्रेम का पुंज
कल्याण का कुंज।

तू है गुरुजी महाराज के चरण में
ब्रह्माण्डों के शहंशाह की शरण में
मग्न उनमें होकर तू चलता चल
बेफिक्र होकर कि क्या होगा कल।

तेरे चेहरे की चमक
तेरे साँसों की महक
स्पष्ट संकेत है गुरुजी के आशीर्वाद का
तू पात्र है गुरु प्रसाद का।

गुरुजी ने थामी है तेरे जीवन की डोर
तू फ़क़ीरी में चल जिस भी ओर
वे ना होने देंगे तुझे गुमराह
कम ना करना तू भक्ति का उत्साह।

तेरी फ़क़ीरी को सलाम
तेरी दीवानगी को प्रणाम
तू पहुँचेगा गुरुजी के धाम
लेता चल बस उनका नाम।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

तू धीर है… (10/12/2026)

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