अक्तूबर १४, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३१६०
आसरा गुरुजी महाराज का
आसरा गुरुजी महाराज का जो मिला है
तो कोई और दरवाज़ा ना खटखटाना
गुरुजी की याद में रहना
कोई बहाना ना बनाना।
गुरुजी सृजनहार हैं
वे ही पालनहार भी
वे ही तारनहार हैं
वे ही बख़्शनहार भी।
गुरुजी हैं ज्योत दिव्य
वे स्वयं हैं सदाशिव
उनमें सभी देवी देवता हैं समाये
उनकी शरण में जो भी आए
उसका उद्धार निश्चित है आज या कल
गुरुजी की कृपा से उसके कष्ट जाते हैं टल।
ये है प्रेमभक्ति का सफ़र
जिसके दौरान बरसती है गुरुजी की मेहर
जाता है वो सँवर जिसपर होती है उनकी नदर
कुछ ऐसा प्यारा सा होता है असर।
अब जो चल पड़े हो गुरुजी के दिखाये रास्ते पर
तो पीछे ना मुड़ना
गुरुजी की कृपा ना होती
तो तुमने उनसे नहीं था जुड़ना
इसलिए स्वयं को ख़ुशक़िस्मत जानो
गुरुजी को और गुरुजी की मानो
वे लिख रहे हैं तुम्हारे नसीब में अनोखी दास्तान
वे अपने हर भक्त पर होते हैं मेहरबान।
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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
आसरा गुरुजी महाराज का (10/14/2026)