तुम्हारा लक्ष्य (10/18/2026)

अक्तूबर १८, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१६४

                                     तुम्हारा लक्ष्य 

इधर उधर ना भटको अब
गुरुजी का सम्मान करो
पूरण गुरु मिले हैं तुम्हें
इस कृपा का तुम मान करो।

प्रारब्ध भी मान लेता है हार
जब गुरुजी भक्त को देते हैं तार
यूँ ही तो नहीं उनका पराक्रमी प्यार
अनगिनत भक्तों को अपने द्वार को बुलाता है बारम्बार।

ज़रूरी नहीं कि रास्ता हो आसान
लेकिन हाँ, सदा साथ ज़रूर होंगे वे करुणानिधान
एक बार उनके चरणों में समर्पित कर दो अपनी ज़िंदगी सारी
फिर तुम्हारी स्वतंत्र इच्छा के सिवा सब कुछ है उनकी ज़िम्मेदारी।

तुम करो उनकी प्रेम से भक्ति
वे देंगे समर्पण की शक्ति
उनकी शरण में है हर समस्या का समाधान
लेकिन तुम्हें रखना होगा इत्मीनान
क्यूँकि दरअसल जीवन तो है ही इक इम्तहान
किसी के लिए कठिन, किसी के लिए आसान।

ऐसे इम्तिहानों से ही सँवरता है इंसान का चरित्र
ऐसे इम्तिहानों से आत्मा तप कर होती है पवित्र
विश्वास की कसौटी पर खरे उतर जाओ
गुरुजी की दया से उनके प्रेम में सज संवर जाओ
शिकायत करने का जी भी चाहे तो शुक्राना करते जाओ
गुरुजी की प्राप्ति तुम्हारा लक्ष्य है, उसकी ओर बढ़ते जाओ।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

तुम्हारा लक्ष्य (10/18/2026)

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