इस रंगमंच में (10/19/2026)

अक्तूबर १९, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१६५

                           इस रंगमंच में 

परम पूज्य गुरुवर,

ये आँसू लेकर जाऊँ तो जाऊँ कहाँ
आप ही हैं मेरे ज़मीन, मेरे आसमान
आपके चरणों में है मेरा आशियाँ
क्यों ढूँढूँ आसरा मैं यहाँ वहाँ?

आप सर्वशक्तिमान हैं
आप करुणानिधान हैं
आप दीनों के दाता हैं
आप सबके दुख दर्द के ज्ञाता हैं
आप सा दानी कोई नहीं
आप सा सर्वज्ञानी कोई नहीं
आपके आँचल के आगे आकाश भी लागे छोटा
जो आये आपके डर पर वो आप में है खोता।

आप नामुमकिन को कर सकते हैं मुमकिन
एक पत्ता भी नहीं हिल सकता आपकी इज़ाज़त के बिन
देवी देवता भी करें आपको नमन
सृष्टि का हर प्राणी चाहे आपकी शरण।

आपकी महिमा है अपरंपार
आपके हुक्म पर चले सारा संसार
ना कराइये अब और इंतज़ार
आपकी दया से उतर जाये अब प्रारब्ध का भार।

आप ही जानें सही समय
इसमें नहीं है कोई संशय
हौंसला बख़्शते रहिए तब तक
ताकि इंतज़ार के लम्हे गुज़र जायें अथक।

आपके सिवा मेरा नहीं कोई और सहारा
आपकी मेहर से ये जीवन है गुज़ारा
आपकी आशीषों और आपकी बख़्शीशों बिन
इक पल भी नहीं है मेरा गुज़ारा।

आप हैं मेरे मालिक मेहरबान
मैं आपकी नादान सी संतान
आपके बिन ना चल पाऊँगी मैं एक भी कदम दुनिया के इस प्रपंच में
दाता, मुझे एक भी पल के लिए अकेला ना छोड़िएगा इस रंगमंच में।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

इस रंगमंच में (10/19/2026)

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