…आपके खुमार में (10/25/2026)

अक्तूबर २५, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१७१

       …आपके खुमार में 

परम पूज्य गुरुवर,

मेरे अन्तस का दर्पण
रहे आपकी ज्योत से रोशन
तो दिखे ना कहीं अंधेरा
आपका साथ मिलता रहे तो
भीतर हो सदा सवेरा
आप ही चाँद और सूरज मेरे
क्यों ढूँढूँ उन्हें मैं गगन में
आप ही मीत हैं हर पल के अब
बस गए आप यूँ मेरे मन में।

जो भी कहना है कहूँ आपसे
ऐसा हुआ है हाल अब
आपकी आवाज़ सुनायी देती है
कैसे कहूँ कब कब।

गिन नहीं पाती मैं
आपकी महरें
कम हैं जिनके आगे
सागर की भी लहरें
और ब्रह्मांड के सारे दीप भी जल जायें
तो आपकी रोशनी के आगे फीके पड़ जायें।

हर ख़ुशबू शरमाये आपकी ख़ुशबू से
एक ऐसी कशिश निकलती है मेरी रूह से
कि आपकी ओर आकर्षित होती रहती हूँ हर क्षण
और आपके ख़यालों में गुज़ार लूँ ये जीवन
अब ये चाहे ये दिल
इसलिए भाती नहीं कोई और महफ़िल।

रहते हुए इस संसार में
रमती रहूँ आपके दीदार में
डूबती रहूँ आपके ही प्यार में
खो जाऊँ आपके ख़ुमार में।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

…आपके खुमार में (10/25/2026)

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