जीवन की अजब सी राहों पर… (10/24/2026)

अक्तूबर २४, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१७०

                                                                   जीवन की अजब सी राहों पर…

जीवन की अजब सी राहों पर
एक सा नहीं रहता है सफ़र
फूल के संग काँटे मिलते हैं अक्सर
मखमली घास पर चलते हुए भी चुभ सकते हैं पत्थर।

एक से रहते नहीं नज़ारे भी
बदलते रहते हैं सहारे भी
कर्मों का हेर फेर
लाता है क़िस्मत के देर सवेर।

अखंड है मगर गुरुजी का सहारा
नूरानी होता है सदा उनके दर का नज़ारा
क़िस्मत के देर सवेर में होता है सुधार
क्यूँकि गुरुजी की लीला है अपरंपार।

बेशक अजब हों जीवन की राहें
पर गुरुजी थामे रहते हैं भक्त की बाहें
इसलिए भक्त हर परिस्थिति में पाता है चल
पाकर गुरुजी से हिम्मत और प्रेरणा अटल।

ज़रूरी तो नहीं कि जीवन की राहें
वैसी होंगी जैसी हम चाहें
लेकिन अनसुनी नहीं जाती किसी भक्त की आहें
जिनकी गुरुजी महाराज थाम लेते हैं बाहें
ये बात है सबसे बड़ी
जिसपर हौंसले की नींव है खड़ी
इसलिए कैसे ना करें परम पूज्य गुरुजी महाराज का धन्यवाद
जो अपने आशीर्वाद से करते हैं संगत की राहों को आबाद।

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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

जीवन की अजब सी राहों पर… (10/24/2026)

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