अक्तूबर ३१, २०२६
ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏
# ३१७७
जब जब…
जब जब मन करता है गुरुजी का चिंतन
वह होता है उन्ही के कृपा प्रसाद से
गुरुजी का जब भी करूँ मैं वंदन
कर पाऊँ उनके ही आशीर्वाद से।
गुरुजी की आज्ञा के बिना
मुमकिन नहीं इक पल भी जीना
गुरुजी में ही रमे रहें ये प्राण
तो फिर जोखिम में कभी ना होगी जान।
गुरुजी की इज़ाज़त से लेती हूँ हर श्वास
सदा रहे जो गुरुजी पर है अटूट विश्वास
जहाँ गुरुजी की बात ना हो वहाँ हो जाती हूँ उदास
लेकिन फिर गुरुजी को वहाँ भी पाकर अपने आस पास
ये हृदय खिल जाता है
उसे संतोष मिल जाता है
और समय जाता है बीत
मन ही मन कर के गुरुजी से प्रीत।
मुलायम रेशम सी की डोर बँधी है गुरुजी के संग
रूहानी है जिसका खूबसूरत सा रंग
नाज़ुक है, है मज़बूत मगर
ये भी है गुरुजी की ही रहमत का असर।
बरसती रहें गुरुजी की रहमतें सारी संगत पर
सभी को बुलायें गुरुजी अपने दर पर
गुरुजी के चरणों में है कल्याण की डगर
इस डगर पर निश्चय ही सफल रहेगा सफ़र।
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जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा
जब जब… (10/31/2026)