सेवा जो मिले… (11/03/2026)

नवंबर ३, २०२६

ओम नमः शिवाय
आज का सुविचार 🙏🙏

# ३१८०

                          सेवा जो मिले…

सेवा जो मिले
तो उसका सत्कार कर
गुरुजी महाराज को प्रकट
अपना आभार कर।

सेवा मिलती है नसीब से
गुरुजी इस तरकीब से
पापों को करते हैं भस्म
यूँ ही नहीं बनाई उन्होंने ये रस्म।

सेवा का ना कर अभिमान
सेवा का महत्व पहचान
सेवा का ना कर अपमान
सेवा को मंगलकारी जान।

कुछ सेवा करना चाहे कोई और
तो बांट ले सेवा लेकर गुरुजी का नाम
हो सकता है कि ये भी हो तेरा इम्तहान
और फैला तू मिल-जुल कर सेवा करने का पैग़ाम।

कोई सेवा बड़ी या छोटी नहीं
तू सेवा के लिए ज़रूरी नहीं
और सेवा तेरे बिन अधूरी नहीं
तू नहीं तो कोई और सही
सेवा गुरुजी की बख्शीश है
सेवा में गुरुजी का आशीष है।

सेवा जो किसी के संग बाँटनी पड़े
तो करना ना इनकार
इस नीवेंपन और मिल-बांट कर करने में भी
होगा तेरा उद्धार।

गुमान में आकर मिली हुई सेवा ना छोड़ना
अपने ही नसीब का निर्माण ना तू तोड़ना
गुरुजी की बख्शी सेवा में है कल्याण
उनकी दी सेवा का कर तू सम्मान।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

जय गुरुजी 🙏🙏
धीरजा

सेवा जो मिले… (11/03/2026)

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